पाकिस्तान के मरदान में एक गुरुद्वारे के अंदर बुजुर्ग सिख जोड़े की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद भारत में भारी आक्रोश है और भाजपा ने पाकिस्तान सरकार की कड़ी आलोचना की है।
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यह दुखद घटना बुधवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मरदान में हुई। यहाँ बाबू मोहल्ला के एक गुरुद्वारे के केयरटेकर Jagannath (70 साल) और उनकी पत्नी Asma Wanti को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव Tarun Chugh ने अमृतसर में ANI से बात करते हुए इस घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने यहाँ रहने वाले हिंदुओं और सिखों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने में बार-बार नाकाम रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने 1950 के नेहरू-लियाकत समझौते का पालन नहीं किया है, जिसमें दोनों देशों में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की गारंटी दी गई थी।
भाजपा प्रवक्ता RP Singh ने भी इस अपराध की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह घटना पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के डर और उत्पीड़न की याद दिलाती है और इस घटना से दुनिया के सामने पाकिस्तान का असली चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है। वहीं, पाकिस्तान की पूर्व सांसद Bushra Gohar ने इसे ‘कोल्ड-ब्लडेड किलिंग’ बताया और संघीय और प्रांतीय सरकारों की विफलता पर सवाल उठाए।
संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवाधिकार विशेषज्ञों और अमेरिका के विदेश विभाग ने भी पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता जताई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहाँ अहमदिया, हिंदू, सिख और ईसाई समुदायों को अक्सर भेदभाव और हिंसा का सामना करना पड़ता है। UN ने पाकिस्तान सरकार से अतिरिक्त न्यायिक हत्याओं और पूजा स्थलों पर हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है।