सिंध के सबसे बड़े बच्चों के अस्पताल National Institute of Child Health (NICH) में हालात बहुत गंभीर हैं. यहाँ स्टाफ की भारी कमी और भीड़ की वजह से गरीब परिवारों के बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है. अस्पताल में बिस्तरों की कमी और मशीनों के खराब होने से मरीजों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

📰: Iran Internet Blackout: ईरान में 45 दिनों से इंटरनेट बंद, अमेरिका ने लगाया समुद्री नाकाबंदी का घेरा, तनाव चरम पर

अस्पताल में भीड़ और सर्जरी की क्या स्थिति है?

अस्पताल में बिस्तरों की भारी कमी है, जिससे मरीजों को बहुत परेशानी हो रही है. यहाँ कुल 500 बेड हैं, लेकिन एक समय में 2,000 से ज़्यादा बच्चे भर्ती रहते हैं, जिसकी वजह से एक ही बेड पर तीन से चार बच्चों को लेटना पड़ता है. स्टाफ की कमी के कारण सर्जरी के लिए तीन से छह महीने तक का इंतज़ार करना पड़ रहा है.

स्टाफ की कमी का पूरा ब्यौरा क्या है?

अस्पताल के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. नासिर सलीम सडल ने माना है कि बड़ी संख्या में पद खाली हैं. भर्ती प्रक्रिया में कानूनी अड़चनों की वजह से 2011 से अब तक कोई स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है. वर्तमान में अस्पताल ज़्यादातर ट्रेनिंग ले रहे कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है.

पद का नाम स्वीकृत पद खाली पद
कुल स्टाफ 1200 800
डॉक्टर 89 64
नर्सिंग स्टाफ 200 80
पैरामेडिकल स्टाफ 410 250

मशीनें और प्रशासन में क्या समस्याएँ हैं?

अस्पताल में MRI और CT स्कैन जैसी ज़रूरी मशीनें अक्सर खराब रहती हैं. बच्चों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाली लिफ्ट भी अक्सर बंद रहती है. वहीं जनवरी 2026 में सिंध स्वास्थ्य विभाग ने कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर नासिर सलीम सडल के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और कुप्रबंधन की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.