पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने सिंगापुर के विदेश मंत्री Vivian Balakrishnan से एक बड़ी मदद मांगी है। अमेरिका ने कुछ जहाज़ों को कब्ज़े में लिया है, जिनमें पाकिस्तान और ईरान के नाविक सवार हैं। ये जहाज़ इस समय सिंगापुर के समुद्री क्षेत्र के करीब हैं और इन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए कूटनीतिक कोशिशें शुरू हो गई हैं।

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कौन हैं ये फंसे हुए नाविक और कैसे हुआ कब्ज़ा?

अमेरिका ने 19 अप्रैल 2026 को ईरान के चबहार पोर्ट के पास एक जहाज़ को पकड़ा था। यह जहाज़ IRISL समूह से जुड़ा था। इसके अलावा एक तेल टैंकर M/T Tifani को भी रोका गया था। इन जहाज़ों पर कुल 31 नाविक सवार हैं, जिनमें 11 पाकिस्तानी और 20 ईरानी नागरिक शामिल हैं। ये सभी नाविक इस समय अमेरिकी नियंत्रण में हैं।

सिंगापुर और अमेरिका का इस मामले पर क्या कहना है?

सिंगापुर के विदेश मंत्री Vivian Balakrishnan ने साफ़ किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों, जैसे Strait of Hormuz से गुज़रना सभी का अधिकार है और यह UNCLOS नियमों के तहत आता है। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने बताया कि उन्होंने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स के हमलों के जवाब में कार्रवाई की थी। अमेरिका का कहना है कि पकड़े गए जहाज़ के चालक दल ने छह घंटे तक दी गई चेतावनियों को नहीं माना था।

पाकिस्तान ने वापसी के लिए क्या योजना बनाई है?

विदेश मंत्री Ishaq Dar ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के साथ तालमेल बिठाया है। पाकिस्तान ने प्रस्ताव दिया है कि वह ईरानी नाविकों को अपने रास्ते से सुरक्षित उनके देश पहुँचाने में मदद करेगा। पाकिस्तान इस समय अमेरिकी अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है ताकि सभी नाविक जल्द से जल्द अपने घर लौट सकें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कितने नाविक अमेरिकी कब्ज़े वाले जहाज़ों में फंसे हुए हैं?

कुल 31 नाविक फंसे हुए हैं, जिनमें 11 पाकिस्तानी और 20 ईरानी नागरिक शामिल हैं।

जहाज़ों को कब और कहाँ कब्ज़े में लिया गया था?

इन जहाज़ों को 19 अप्रैल 2026 को ईरान के चबहार पोर्ट के पास अमेरिकी बलों द्वारा कब्ज़े में लिया गया था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.