पाकिस्तान के लगभग 25 प्रतिशत घरों में अब बिजली के लिए सोलर पैनल का इस्तेमाल हो रहा है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है। भारी संख्या में सोलर पैनल लगाने की वजह से पाकिस्तान के लाखों परिवार महंगे बिजली बिल और बिजली की कमी से बच गए हैं। सरकारी डेटा के मुताबिक पाकिस्तान ने इस सौर ऊर्जा क्रांति की वजह से साल 2018 के बाद से ईंधन आयात में 12 अरब डॉलर से ज्यादा की बचत की है।

सोलर पैनल की संख्या बढ़ने के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?

पाकिस्तान में बिजली की कीमतें पिछले तीन वर्षों में 155 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं, जिसके कारण आम जनता के लिए सरकारी बिजली का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। इसी बीच चीन से आने वाले सोलर पैनल के दाम भी 100-120 रुपये प्रति वाट से घटकर मात्र 30 रुपये प्रति वाट पर आ गए हैं। सरकार द्वारा दिए गए टैक्स फायदों और ग्रिड से होने वाली बिजली कटौती ने भी लोगों को इसे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया है। 2023 में जहां सिर्फ 15 प्रतिशत घरों में सोलर था, वहीं 2025 के अंत तक यह आंकड़ा 25 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

ऊर्जा संकट और नई सरकारी नीतियों का विवरण

ईरान और इसराइल के बीच जारी तनाव की वजह से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 113 डॉलर के पार चली गई हैं और विशेषज्ञों का मानना है कि यह 150 डॉलर तक जा सकती हैं। पाकिस्तान ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अब सौर ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया है ताकि बाहरी देशों पर निर्भरता कम हो सके।

प्रमुख जानकारी ताज़ा आंकड़े और तथ्य
कुल सोलर क्षमता (2025 तक) 32 GW
घरों में सोलर का उपयोग 25 प्रतिशत आबादी
ईंधन आयात में अब तक की बचत 12 अरब डॉलर
सोलर पैनल की नई कीमत 30 रुपये प्रति वाट
नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान 53 प्रतिशत

NEPRA ने फरवरी 2026 में नए नियम लागू किए हैं जिसमें नेट मीटरिंग की जगह अब नेट बिलिंग सिस्टम लाया गया है। इसके तहत ग्रिड को वापस दी जाने वाली बिजली की दरें 8 से 11 रुपये प्रति यूनिट तय की गई हैं। रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने भी ऊर्जा सुरक्षा के लिए सौर ऊर्जा को अपनाने पर जोर दिया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com