कुवैत और बहरीन पर हुए हालिया हमलों के बाद खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। 3 जून 2026 को ईरान की तरफ से कुवैत और बहरीन पर हुए हमलों के बाद अब पाकिस्तान भी इस मामले में बीच में आया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 4 जून 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर दोनों पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने की अपील की है। पाकिस्तान ने इस तनाव को कम करने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने पर जोर दिया है, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
कुवैत और बहरीन पर कैसे और क्यों हुए ये हमले?
3 जून 2026 को तड़के कुवैत और बहरीन पर ईरान की तरफ से बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से बड़े हमले किए गए। इन हमलों में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया, जिससे हवाई अड्डे को काफी नुकसान पहुंचा है। इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। ईरान का दावा है कि अमेरिका ने उनके एक तेल टैंकर और संचार टावर पर हमला किया था, जिसके जवाब में उन्होंने यह कार्रवाई की है। ईरान का आरोप है कि कुवैत और बहरीन की जमीनों का इस्तेमाल अमेरिकी सेना ने उनके खिलाफ किया था।
कुवैत सरकार ने उठाया बड़ा कदम, राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश
इस हमले के बाद कुवैत सरकार ने तुरंत कड़े फैसले लिए हैं। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। इसके अलावा कुवैत ने अपने यहाँ मौजूद ईरानी दूतावास के स्टाफ की संख्या को कम करने का फैसला किया है। कुवैत सरकार ने दो ईरानी राजनयिकों को देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है और उन्हें 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने के लिए कहा है। सऊदी अरब, यूएई, कतर और अन्य खाड़ी देशों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।
पाकिस्तान और संयुक्त राष्ट्र की शांति स्थापित करने की कोशिशें
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बातचीत और कूटनीति का रास्ता अभी भी खुला है, लेकिन लगातार बढ़ते हमलों से यह रास्ता बंद हो सकता है। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सभी देशों से संयम बरतने और पाकिस्तान की मध्यस्थता कोशिशों का समर्थन करने की अपील की है ताकि खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासियों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत और बहरीन पर कब हमला हुआ था और इसमें क्या नुकसान हुआ?
यह हमला 3 जून 2026 की सुबह हुआ था। हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित नागरिक ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हुई और कई लोग घायल हुए।
हमले के बाद कुवैत ने ईरान के खिलाफ क्या कूटनीतिक कार्रवाई की है?
कुवैत ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए ईरानी दूतावास के स्टाफ की संख्या कम कर दी है और दो ईरानी राजनयिकों को 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया है।
