पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने 31 जुलाई 2026 को गाज़ा शांति योजना के तहत चल रही निरस्त्रीकरण प्रक्रिया का स्वागत किया है। उन्होंने इस कदम को एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया है। शरीफ ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान हमेशा फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करता है और वे 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर एक संप्रभु राष्ट्र के पक्षधर हैं, जिसकी राजधानी East Jerusalem (अल-कुद्स अल-शरीफ) हो।
शांति योजना और हमास का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में गाज़ा में Hamas और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक समझौते की घोषणा की है। इस समझौते के तहत हमास ने संघर्ष विराम के अगले चरणों के लिए सहमति जताई है। हालांकि, हमास के अधिकारियों का कहना है कि भारी हथियारों का समर्पण पूरी तरह से इज़राइल द्वारा हमले रोकने और सैनिकों की वापसी पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, हमास इसे फिलिस्तीनी राज्य के गठन से जोड़ रहा है।
ज़मीनी हकीकत और शांति की राह
इज़रायली अधिकारियों ने हमास के इरादों पर संदेह जताया है और स्पष्ट किया है कि जब तक हथियारों को सौंपने की प्रक्रिया सत्यापित नहीं हो जाती, तब तक वे गाज़ा से अपनी सेना नहीं हटाएंगे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 (2025) के तहत यह शांति योजना चरणों में लागू की जाएगी। इस योजना में गाज़ा में नई प्रशासनिक व्यवस्था बनाना और एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल की तैनाती शामिल है। हालांकि, इस घोषणा के बावजूद 31 जुलाई को गाज़ा में हुए हमलों में एक फिलिस्तीनी की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए, जो क्षेत्र में स्थिति की नाजुकता को दर्शाता है।
