पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने UAE की जमा राशि को लेकर चल रही भ्रामक खबरों पर अपनी सफाई दी है. सरकार ने स्पष्ट किया कि State Bank of Pakistan (SBP) में रखी गई रकम को अब समझौते के तहत वापस किया जा रहा है. पाकिस्तान इस महीने के अंत तक नहीं बल्कि अप्रैल 2026 तक कुल 3.5 बिलियन डॉलर का भुगतान पूरा करेगा. इसे लेकर पाकिस्तान सरकार ने पूरी योजना तैयार कर ली है.

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कर्ज़ चुकाने का क्या है पूरा शेड्यूल?

पाकिस्तान इस कर्ज़ को तीन अलग-अलग किस्तों में चुकाने की तैयारी कर रहा है. इसमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि 450 मिलियन डॉलर का एक पुराना कर्ज़ 1996-97 से चला आ रहा था जिसे अब चुकाया जाएगा. भुगतान की तारीखें कुछ इस तरह तय की गई हैं:

  • 11 अप्रैल 2026: 450 मिलियन डॉलर की पहली किस्त जाएगी.
  • 17 अप्रैल 2026: 2 बिलियन डॉलर का भुगतान किया जाएगा.
  • 23 अप्रैल 2026: 1 बिलियन डॉलर की आखिरी किस्त दी जाएगी.

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर इसका क्या असर होगा?

इतनी बड़ी रकम वापस करने से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ना तय है. वर्तमान में पाकिस्तान के पास लगभग 16.3 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है. विशेषज्ञों के मुताबिक, इस भुगतान के बाद भंडार में करीब 18% तक की गिरावट आ सकती है. सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय गरिमा बनाए रखने के लिए जरूरी है.

संस्था का नाम भूमिका
State Bank of Pakistan जमा राशि का प्रबंधन
Abu Dhabi Fund for Development UAE की तरफ से जमा राशि देने वाली संस्था
IMF आर्थिक कार्यक्रम की निगरानी

क्या है पैसे वापसी की मुख्य वजह?

बताया जा रहा है कि Middle East में ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए UAE ने अपनी निधियों की वापसी की मांग की है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह एक सामान्य वित्तीय प्रक्रिया है और दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के संबंध हमेशा की तरह मजबूत बने रहेंगे. हालांकि, अचानक इतनी बड़ी रकम की मांग से पाकिस्तान के लिए स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है.