Pakistan: लोअर साउथ वजीरिस्तान में बड़ी वारदात, अज्ञात हमलावरों ने की दो आदिवासी बुजुर्गों की गोली मारकर हत्या।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आई है जहाँ लोअर साउथ वजीरिस्तान के जरमिलान इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी करके दो प्रमुख आदिवासी बुजुर्गों की हत्या कर दी। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि हमलावरों का सुराग लगाया जा सके।
कहाँ और कैसे हुई वारदात
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार, 9 अगस्त 2026 को तोई खुल्ला तहसील के अंतर्गत आने वाले जरमिलान इलाके में हुई। मारे गए दोनों आदिवासी बुजुर्गों की पहचान हाजी गुल और मलिक बादशाह के रूप में हुई है जो सुलेमान खेल कबीले से ताल्लुक रखते थे। दोनों पीड़ित अपनी मोटर गाड़ी में सवार होकर गुल काच इलाके से जरमिलान की तरफ जा रहे थे जब दुरोजंडा के पास घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया। इस गोलीबारी में दोनों को कई गोलियां लगीं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
लोअर साउथ वजीरिस्तान के जिला पुलिस अधिकारी (DPO) शाह हसन ने इस दर्दनाक घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने तोई खुल्ला पुलिस स्टेशन में शुरुआती रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है और हमलावरों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाया जा सके। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।
गवर्नर से मुलाकात के तुरंत बाद हुई हत्या
यह दुखद घटना इस बात का सबूत है कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में कानून व्यवस्था किस हद तक बिगड़ चुकी है। खास बात यह है कि इस गोलीबारी की घटना से ठीक एक दिन पहले यानी शनिवार, 8 अगस्त 2026 को सुलेमान खेल कबीले के बुजुर्गों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रांत के गवर्नर फैसल करीम कुंडी से मिला था। इस बैठक में उन्होंने लोअर वजीरिस्तान की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और अन्य मांगों को गवर्नर के सामने रखा था। उस मुलाकात के दौरान गवर्नर ने आश्वासन दिया था कि उनकी चिंताओं को प्रांतीय और संघीय स्तर पर हल किया जाएगा और क्षेत्र में स्थायी शांति बहाल करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
पिछले 18 महीनों से इस पूरे क्षेत्र में लक्षित हत्याओं, बम धमाकों, फिरौती के लिए अपहरण, जबरन वसूली और सुरक्षा कर्मियों पर हमलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। आम नागरिकों के साथ-साथ अब समुदाय के प्रमुख और सम्मानित लोग भी इस तरह की हिंसा का तेजी से शिकार हो रहे हैं जिससे स्थानीय लोगों में सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।