US-Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा, पाकिस्तान ने की सीजफायर बढ़ाने की मांग
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। पाकिस्तान ने दोनों देशों से अपील की है कि वे अपने बीच चल रहे सीजफायर यानी युद्ध विराम को आगे बढ़ाएं। 22 अप्रैल को इस समझौते की समय सीमा खत्म हो रही है, जिसके बाद इलाके में फिर से तनाव बढ़ने का डर है।
पाकिस्तान ने क्यों की सीजफायर बढ़ाने की अपील?
पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ishaq Dar ने अमेरिकी राजनयिक Natalie Baker से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बातचीत और डिप्लोमेसी ही शांति का एकमात्र रास्ता है। पाकिस्तान चाहता है कि दोनों देश बातचीत जारी रखें ताकि क्षेत्रीय शांति बनी रहे। अमेरिका ने भी इस कोशिश के लिए पाकिस्तान की सराहना की है।
क्या अमेरिका और ईरान बातचीत के लिए तैयार हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि सीजफायर बढ़ना मुश्किल है और Strait of Hormuz बंद रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही पाकिस्तान में नए दौर की बातचीत होगी। वहीं ईरान पहले ही अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकरा चुका है और अपनी शर्तों पर स्थायी शांति चाहता है।
इस्लामाबाद में होने वाली बैठक की क्या तैयारी है?
खबरें हैं कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान के मोहम्मद बागेर कालिबाफ 22 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। इसके लिए शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस की गश्त तेज कर दी गई है। हालांकि, ईरान के सरकारी टीवी ने अभी तक किसी प्रतिनिधिमंडल के आने की पुष्टि नहीं की है।
इस पूरे मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई टेबल में देखें:
| संस्था/व्यक्ति | भूमिका | ताजा अपडेट |
|---|---|---|
| पाकिस्तान | मध्यस्थ (Mediator) | सीजफायर बढ़ाने की अपील की |
| Donald Trump | अमेरिकी राष्ट्रपति | सीजफायर विस्तार को मुश्किल बताया |
| ईरान | प्रतिद्वंदी देश | स्थायी शांति और प्रतिबंध हटाने की मांग की |
| JD Vance | अमेरिकी उपराष्ट्रपति | बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं |
| Mohammad Bagher Qalibaf | ईरानी मुख्य वार्ताकार | बिना धमकी के बातचीत करने की शर्त रखी |
| चीन | समर्थक देश | पाकिस्तान की कोशिशों का समर्थन किया |