मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान से कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने का आग्रह किया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Tahir Andrabi ने 30 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि इस्लामाबाद दोनों देशों को Islamabad MoU के तहत तय नियमों का पालन करने के लिए कह रहा है। उनका कहना है कि बातचीत ही शांति का एकमात्र रास्ता है।
समझौते का पालन करने पर जोर
17 जून 2026 को हुए इस समझौते का मकसद 2026 में चल रहे ईरान युद्ध को खत्म करना है। पाकिस्तान ने सऊदी अरब, कतर, तुर्की और मिस्र के साथ मिलकर इसे तैयार किया था। फिलहाल बातचीत का मुख्य केंद्र Strait of Hormuz को सुरक्षित रखना और तनाव कम करना है।
हालांकि, इसी दिन अमेरिकी सेना की ओर से ईरान पर भारी संख्या में हमले किए गए हैं, लेकिन पाकिस्तान का मानना है कि कूटनीतिक रास्ते अभी भी खुले हैं। पाकिस्तान ने दोनों देशों को अधिकतम संयम बरतने की सलाह दी है ताकि हालात और ज्यादा न बिगड़ें।
