स्विट्जरलैंड में एक बहुत बड़ी डिप्लोमैटिक मीटिंग हुई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance से मुलाकात की। यह बैठक अमेरिका और ईरान के बीच शांति कायम करने की कोशिशों का हिस्सा है, जिसमें पाकिस्तान एक मध्यस्थ (mediator) की भूमिका निभा रहा है।

यह पूरी बातचीत “Islamabad Memorandum of Understanding” (MoU) के तहत हो रही है। इस समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साइन किए थे। इसके तहत पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने और आपसी मुद्दों को सुलझाने के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है।

तारीखों की बात करें तो प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Asim Munir 20 जून 2026 को स्विट्जरलैंड पहुंचे थे। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance 21 जून की सुबह 5:59 बजे Emmen Air Base पर उतरे। यह मीटिंग लुसर्न के पास Bürgenstock Resort में आयोजित की गई थी।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बातचीत शुरू होने से पहले उम्मीद जताई कि परमाणु मुद्दे और लेबनान में युद्धविराम (ceasefire) पर कोई रास्ता निकलेगा। इस मीटिंग में अमेरिका की तरफ से Steve Witkoff और Jared Kushner भी मौजूद रहे। ईरान की तरफ से संसदीय स्पीकर Mohammad Baqer Qalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araqchi के नेतृत्व में एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल आया था, जिसमें सुरक्षा और ऊर्जा विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।

शांति की इन कोशिशों के बीच हालात काफी तनावपूर्ण हैं। दक्षिणी लेबनान में इसराइल के हमलों के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान किया था। हालांकि अमेरिकी सेना ने बताया कि समुद्री जहाजों की आवाजाही जारी है। इसी तनाव की वजह से यह मीटिंग पहले शुक्रवार को होनी थी, लेकिन ईरान की कुछ चिंताओं के कारण इसे आगे बढ़ाना पड़ा। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi को खास तौर पर तेहरान भेजा गया था ताकि ईरान इस बातचीत में शामिल हो।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री Sharif ईरान, स्विट्जरलैंड और अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगे ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति लाई जा सके। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कन्फर्म किया कि दोपहर में ईरान, अमेरिका, कतर और पाकिस्तान की संयुक्त बैठक हुई, जबकि सुबह की बैठक कतरी और पाकिस्तानी मध्यस्थों के साथ रही।