पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सरकारी सिस्टम की लापरवाही की वजह से महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने वाले सबसे महत्वपूर्ण ऑफिस, Provincial Ombudsperson for Women, में लंबे समय तक कोई अधिकारी नहीं था। इस वजह से कार्यस्थल पर उत्पीड़न और संपत्ति विवादों से लड़ रही हजारों महिलाओं के कानूनी मामले अधर में लटक गए हैं।

महिलाओं के केस क्यों अटक रहे हैं और क्या है पूरा मामला?

पंजाब में महिलाओं के लिए बना यह ऑफिस 2013 में शुरू हुआ था। लेकिन मई 2025 से इस पद पर कोई नियुक्ति नहीं थी, जिससे यह ऑफिस करीब नौ महीने तक खाली रहा। इस खाली समय के दौरान शिकायतों के निपटारे की रफ्तार बहुत धीमी हो गई।

  • केसों का आंकड़ा: साल 2021 से 2024 के बीच 6,654 केस दर्ज हुए थे, जिनका निपटारा तेजी से हुआ था।
  • ताजा स्थिति: 2025 से मार्च 2026 के बीच 3,000 से ज्यादा नए केस दर्ज हुए, जिनमें से 1,000 से अधिक केस अब भी पेंडिंग हैं।
  • प्रभावित लोग: Shazia Bibi, Samina Nadeem और Ayesha जैसी महिलाओं के मामले लंबे समय से अटके हुए हैं।

नियुक्ति को लेकर क्या विवाद है और कौन से कानून लागू हैं?

लाहोर हाई कोर्ट (LHC) के दखल के बाद 11 अप्रैल 2026 को Dr. Najma Afzal Khan को Women Ombudsperson नियुक्त किया गया। लेकिन कानूनी विशेषज्ञ Abdullah Malik का कहना है कि यह नियुक्ति राजनीतिक प्रभाव में की गई और कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए वहां दो मुख्य कानून हैं। पहला Protection Against Harassment of Women at the Workplace Act, 2010 जो दफ्तरों में उत्पीड़न रोकने के लिए है और दूसरा Punjab Enforcement of Women Property Rights Act 2021 जो महिलाओं को उनका जायदाद का हक दिलाने के लिए बनाया गया है। विशेषज्ञ का मानना है कि इन कानूनों में खामियों और जिला प्रशासन के साथ तालमेल की कमी की वजह से देरी हो रही है।

सरकार का क्या कहना है और क्या सुविधा उपलब्ध है?

मार्च 2026 में प्रधानमंत्री Muhammad Shehbaz Sharif ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार महिलाओं के लिए भेदभाव मुक्त माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने महिलाओं की कानूनी सुरक्षा के लिए कानून बनाने पर जोर दिया है।

सचिव Women Development और प्रवक्ता Uzma Rubab ने बताया कि पंजाब कमीशन ऑन द स्टेटस ऑफ विमेन के तहत एक हेल्पलाइन 1043 शुरू की गई है। इसके जरिए महिलाएं अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती हैं, जिन्हें बाद में संबंधित विभागों को भेजा जाता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पंजाब में महिलाओं के लिए कौन सा हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है?

पंजाब कमीशन ऑन द स्टेटस ऑफ विमेन ने हेल्पलाइन 1043 शुरू किया है, जहाँ महिलाएं अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती हैं और उन्हें संबंधित विभागों तक पहुँचाया जाता है।

महिलाओं के कानूनी मामलों में देरी का मुख्य कारण क्या था?

पंजाब में Provincial Ombudsperson for Women का पद मई 2025 से खाली था। इस नौ महीने की रिक्ति की वजह से 1,000 से ज्यादा केस लंबित हो गए और शिकायतों का निपटारा नहीं हो सका।