पाकिस्तानी सेना प्रमुख Field Marshal Asim Munir 15 अप्रैल 2026 को ईरान पहुंचे हैं. वे वहां एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ गए हैं ताकि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम किया जा सके. पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि युद्ध को रोका जा सके और शांति बहाल हो सके.

ईरान और अमेरिका के बीच क्या है पूरा मामला?

फरवरी 2026 में अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद ईरान के साथ युद्ध शुरू हुआ था. 14 अप्रैल को अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी जिससे व्यापार पूरी तरह रुक गया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर यह नाकाबंदी जारी रही तो वह फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और लाल सागर में जहाजों के रास्ते बंद कर देगा.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका के साथ जमी हुई संपत्तियों को वापस लेने पर चर्चा हुई है. हालांकि अभी तक किसी अंतिम समझौते पर मुहर नहीं लगी है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने भी उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान की कोशिशों से बातचीत फिर शुरू होगी.

शांति के लिए पाकिस्तान क्या कदम उठा रहा है?

पाकिस्तान इस युद्ध को खत्म करने के लिए शटल डिप्लोमेसी कर रहा है. प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir 15 से 18 अप्रैल तक सऊदी अरब, तुर्की और कतर का आधिकारिक दौरा कर रहे हैं. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य युद्ध खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना है.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Field Marshal Asim Munir की मध्यस्थता की तारीफ की है. उन्होंने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच नए दौर की बातचीत पाकिस्तान में हो सकती है. इसके लिए पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में तैयारियां भी शुरू कर दी हैं.

युद्ध और बातचीत से जुड़ी मुख्य तारीखें

तारीख घटना
28 फरवरी 2026 अमेरिका और इसराइल के हमलों के साथ ईरान युद्ध शुरू हुआ
8 अप्रैल 2026 पाकिस्तान की मध्यस्थता से दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ
11-12 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान बातचीत हुई लेकिन समझौता नहीं हुआ
14 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू की
15 अप्रैल 2026 पाकिस्तानी आर्मी चीफ Asim Munir ईरान पहुंचे
15-18 अप्रैल 2026 PM Shehbaz Sharif का सऊदी, तुर्की और कतर दौरा
22 अप्रैल 2026 वर्तमान युद्धविराम की अवधि समाप्त होगी