UAE समेत पूरी दुनिया में रहने वाले पाकिस्तानी प्रवासियों के लिए एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है. पाकिस्तान सरकार अब ओवरसीज पाकिस्तानी फाउंडेशन (OPF) की सदस्यता को सभी के लिए अनिवार्य बनाने की तैयारी कर रही है. इस नए प्रस्ताव के तहत हर प्रवासी को एक निश्चित फीस देनी होगी जिससे फाउंडेशन के पास प्रवासियों की मदद के लिए ज्यादा फंड इकट्ठा हो सके. यह फैसला उन लाखों लोगों पर असर डालेगा जो खाड़ी देशों और दुनिया के अन्य हिस्सों में काम कर रहे हैं.

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सदस्यता के लिए कितनी देनी होगी फीस और क्या है नया नियम?

इस नए प्रस्ताव के अनुसार अब हर पाकिस्तानी प्रवासी को OPF का सदस्य बनना पड़ेगा. इसके लिए ₹10,000 (लगभग 130 दिरहम) की फीस तय की गई है जो 5 साल के लिए मान्य होगी. OPF के चेयरमैन सैयद कमर रज़ा का कहना है कि अगर सभी प्रवासी सदस्य बनेंगे, तो फाउंडेशन के पास प्रवासियों की बेहतर मदद करने के लिए पर्याप्त संसाधन होंगे. यह प्रस्ताव पहले ही संबंधित मंत्रालय से मंजूर हो चुका है और अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अंतिम मंजूरी का इंतजार है.

OPF सदस्य बनने पर प्रवासियों को क्या फायदे मिलेंगे?

OPF की सदस्यता लेने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों को सरकार कई तरह की विशेष सुविधाएं प्रदान करती है. इसका उद्देश्य विदेश में रहने वाले नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उनके परिवार को पाकिस्तान में सुरक्षा देना है. मिलने वाले मुख्य फायदे नीचे दिए गए हैं:

  • बीमा कवर: किसी हादसे या आकस्मिक स्थिति में सदस्य को 20 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है.
  • बच्चों की शिक्षा: सदस्यों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप, लैपटॉप, स्कूटी और स्कूल फीस में छूट की योजनाएं उपलब्ध हैं.
  • हाउसिंग स्कीम: पाकिस्तान में OPF द्वारा बनाई गई हाउसिंग कॉलोनियों में सदस्यों को प्राथमिकता दी जाती है.
  • वित्तीय मदद: सदस्य की मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहायता पहुंचाई जाती है.

प्रस्ताव से जुड़ी मुख्य जानकारियां

विवरण प्रस्तावित जानकारी
सदस्यता शुल्क ₹10,000 (करीब 130 दिरहम)
शुल्क की अवधि हर 5 साल में एक बार
कुल पाकिस्तानी प्रवासी लगभग 1.2 से 1.5 करोड़
UAE में पाकिस्तानी प्रवासी लगभग 20 लाख
वर्तमान स्थिति प्रधानमंत्री की अंतिम मंजूरी का इंतजार

वर्तमान में यह सदस्यता केवल उन लोगों के लिए अनिवार्य थी जो 1979 के बाद एक वैध प्रोटेक्टेड वर्क वीजा पर विदेश गए थे. बाकी लोगों के लिए यह स्वैच्छिक थी. लेकिन नए नियम के लागू होने के बाद हर उस पाकिस्तानी नागरिक को यह फीस देनी होगी जो विदेश में रह रहा है. इससे सरकारी खजाने और फाउंडेशन के फंड में बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.