कुवैत पर ईरान द्वारा किए गए हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। स्टेट ऑफ फिलिस्तीन ने कुवैत पर हुए इस ईरानी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है। कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) ने 29 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर इस निंदा प्रस्ताव की जानकारी दी है। कुवैत के हवाई रक्षा तंत्र ने इन हमलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नाकाम कर दिया था जिससे किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
ईरान ने कुवैत पर कब और कैसे किया हमला?
ईरान ने 27 मई 2026 की देर रात और 28 मई 2026 की सुबह कुवैत की सीमा की तरफ कई बैलिस्टिक मिसाइलें और घातक ड्रोन लॉन्च किए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले की पुष्टि की और इसे युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन बताया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उनका निशाना क्षेत्र में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य ठिकाना था। हालांकि, कुवैत की सुरक्षा प्रणालियों ने इन सभी मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया।
फिलिस्तीन और अन्य खाड़ी देशों ने क्या दी प्रतिक्रिया?
फिलिस्तीन के विदेश मंत्रालय और वरिष्ठ नेताओं ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया है। फिलिस्तीन के उपराष्ट्रपति हुसैन अल-शेख ने पूर्व में भी अरब देशों पर होने वाले ऐसे हमलों का विरोध किया था और इस बार भी कुवैत का समर्थन किया है। फिलिस्तीन के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर ने भी इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है और इसे कुवैत की संप्रभुता पर हमला बताया है।
कुवैत सरकार का क्या है इस पर आधिकारिक रुख?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने हमले के तुरंत बाद 28 मई 2026 को एक कड़ा बयान जारी किया। कुवैत ने इसे देश की संप्रभुता और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया है। कुवैती सरकार ने ईरान से इन हमलों को तुरंत और बिना शर्त रोकने की मांग की है। साथ ही कुवैत ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता, सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने कुवैत पर हमला कब किया था?
ईरान ने 27 मई और 28 मई 2026 के बीच कुवैत की सीमा की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे, जिन्हें कुवैत के डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया था।
इस हमले पर फिलिस्तीन का क्या स्टैंड है?
फिलिस्तीन ने हमेशा की तरह कुवैत का समर्थन किया है और ईरान द्वारा किए गए इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।
क्या इस हमले में किसी अन्य देश ने भी चिंता जताई है?
हां, अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) सहित संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना है।