फिलिस्तीन में हालात बहुत खराब हो चुके हैं और वहां के अस्पताल अब काम करना बंद कर रहे हैं। इस गंभीर संकट को देखते हुए फिलिस्तीन दूतावास ने भारत सरकार से तुरंत मेडिकल मदद मांगी है। दूतावास का कहना है कि अगर अब भारत ने मदद नहीं की, तो वहां लाखों लोगों की जान खतरे में पड़ जाएगी।

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भारत से मदद की अपील

भारत में फिलिस्तीन के राजदूत Abdullah M. Abu Shawesh ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और विदेश मंत्री S Jaishankar को संदेश भेजा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की “Aarogya Maitri” पहल का जिक्र किया, जिसमें भारत ने किसी भी संकट में फंसे विकासशील देश को जरूरी मेडिकल सामान देने का वादा किया था। राजदूत ने भावुक होते हुए कहा कि अगर भारत और भारतीय लोग मदद नहीं करेंगे, तो फिर कौन करेगा और यह मदद अब तुरंत मिलनी चाहिए।

अस्पतालों की हालत बहुत खराब

World Health Organization (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक, फिलिस्तीन के 36 अस्पतालों में से केवल 19 अस्पताल ही किसी तरह काम कर रहे हैं। वहां दवाइयों, मशीनों और खून की भारी कमी हो गई है। अस्पतालों को चलाने के लिए जनरेटर में डालने वाला तेल भी नहीं बचा है।

  • दवाइयों की कमी: 520 जरूरी दवाइयों में से करीब 180 दवाइयां पूरी तरह खत्म हो गई हैं।
  • कैंसर मरीज: कैंसर के इलाज की 97 दवाइयों में से 50 दवाइयां अब उपलब्ध नहीं हैं, जिससे करीब 4,000 मरीज खतरे में हैं।
  • सर्जरी पर रोक: वेस्ट बैंक के सरकारी अस्पतालों में दवाओं और सामान की कमी की वजह से 11,000 से ज्यादा ऑपरेशन टाल दिए गए हैं।
  • बीमारियों का खतरा: सीवेज सिस्टम फेल होने की वजह से गंदा पानी फैल रहा है, जिससे लोग बुरी तरह बीमार पड़ रहे हैं।

भारत पहले भी फिलिस्तीन को 30-30 टन के दो जत्थों में मेडिकल सामान और खाने-पीने की चीजें भेज चुका है। लेकिन अब वहां हालात इतने बिगड़ गए हैं कि दूतावास ने इसे एक बड़ा मानवीय संकट बताया है और फिर से मदद की गुहार लगाई है।