फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने एक बड़ा फैसला लेते हुए नवंबर 2026 में विधाई चुनाव कराने का ऐलान किया है। ये चुनाव वेस्ट बैंक, पूर्वी जेरूसलम और गाजा पट्टी समेत सभी फिलिस्तीनी इलाकों में होंगे। अगर ये चुनाव तय समय पर हुए, तो यह पिछले 20 सालों में पहली बार होगा जब लोग अपनी विधायिका के लिए वोट डालेंगे।
राष्ट्रपति अब्बास ने पहले ही एक आदेश जारी किया था जिसमें नवंबर 1, 2026 को नेशनल काउंसिल के चुनाव और 2027 की पहली तिमाही में राष्ट्रपति चुनाव कराने की बात कही गई थी। अब नवंबर 28, 2026 को होने वाले विधाई चुनावों के लिए नए नियम बनाए गए हैं।
चुनाव के नए नियम
- सीटों की संख्या: अब विधाई परिषद की सीटें 132 से बढ़ाकर 200 कर दी गई हैं।
- उम्र की सीमा: चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र घटाकर 23 साल कर दी गई है।
- महिलाओं की भागीदारी: चुनावी लिस्ट में हर तीन उम्मीदवारों में से कम से कम एक महिला का होना जरूरी होगा।
- शर्त: सभी उम्मीदवारों को PLO के राजनीतिक कार्यक्रम को मानना होगा, जिसमें इजराइल की मान्यता और दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन शामिल है।
चुनाव में आने वाली मुश्किलें
चुनाव कराना इतना आसान नहीं होगा क्योंकि इसके सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। पूर्वी जेरूसलम में वोटिंग कराने के लिए इजराइल का सहयोग जरूरी है, जिसकी कमी की वजह से 2021 के चुनाव टल गए थे।
गाजा पट्टी में हालिया युद्ध की वजह से भारी तबाही हुई है और लोग विस्थापित हैं, जिससे वहां चुनाव की व्यवस्था करना मुश्किल काम है। साथ ही, PLO के कार्यक्रम को मानने की शर्त की वजह से हमास के चुनाव लड़ने पर सवाल उठ सकते हैं। फिलिस्तीनी अथॉरिटी इन चुनावों के लिए यूरोपीय संघ और अरब देशों से आर्थिक मदद की मांग भी कर रही है।
