West Bank में फलस्तीनी अमेरिकी नागरिक को इसराइली सेना ने अपनी ही ज़मीन पर जाने से रोका.

Sushma Kumari25 August 20262 min read70 viewsWorld
West Bank में फलस्तीनी अमेरिकी नागरिक को इसराइली सेना ने अपनी ही ज़मीन पर जाने से रोका.

वेस्ट बैंक के कुस्र गांव में रहने वाले फलस्तीनी अमेरिकी नागरिक Lou Ridi को इसराइली बलों ने उनकी अपनी ही ज़मीन पर जाने से रोक दिया है। ओहियो के रहने वाले homeowner Lou Ridi अपने परिवार के घर को बचाने के लिए उस गांव में वापस लौटे थे, क्योंकि वहां इसराइली सेटलर्स ने घेराबंदी कर रखी थी। इस घटना की रिपोर्ट Al Jazeera English द्वारा 25 अगस्त 2026 को दी गई, जो क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच सामने आई है। इस पूरी स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है और लोग इस बात से हैरान हैं कि कैसे एक व्यक्ति को अपनी ही ज़मीन पर जाने की अनुमति नहीं मिल रही है।

बंद सैन्य क्षेत्र और सेना की कार्रवाई

बीते 23 अगस्त 2026 को इसराइली रक्षा बलों यानी IDF ने कुस्र गांव के एक घर को खाली किया था, जिस पर उन्होंने एक हफ्ते से अधिक समय तक कब्जा जमाया हुआ था। इस दौरान सैनिकों का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें वे स्थानीय लोगों के कपड़े फेंकते हुए दिखाई दिए थे। हालांकि घर खाली कर दिया गया है, लेकिन सैनिक अभी भी उस संपत्ति के बाहर तैनात हैं। वर्तमान में इस इलाके के लोगों को एक बंद सैन्य क्षेत्र के आदेश का सामना करना पड़ रहा है, जिसके तहत उन्हें अपने घरों से बाहर निकलने के लिए कानूनी सलाहकारों के जरिए अनुमति लेनी पड़ती है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय कार्यालय ने कुस्र को एक ऐसे क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है जहां सेटलर्स की हिंसा बहुत ज्यादा होती है और उन्होंने पूरे साल 2026 में वेस्ट बैंक में ऐसे 1,430 से अधिक हमलों का दस्तावेजीकरण किया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और राजनीतिक हलचल

इस पूरे मामले पर दुनिया भर से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने 24 अगस्त 2026 को फिर से दोहराया कि वेस्ट बैंक में इसराइली बस्तियां अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध हैं और उन्होंने इसके विस्तार को रोकने की अपील की। इसके साथ ही, इसराइली रक्षा मंत्री Israel Katz ने बस्तियों और सेटलर्स पर सुरक्षा अधिकार सेना से लेकर सिविल पुलिस को हस्तांतरित करने का कदम उठाया, जिसे फलस्तीनियों ने एकतरफा कब्जा बढ़ाने की कोशिश बताया है। संयुक्त राज्य अमेरिका के इस्राइल में राजदूत Mike Huckabee ने इस घेराबंदी की कड़ी निंदा की है और इसमें शामिल सेटलर्स को इसराइली आतंकवादी करार दिया है। उन्होंने फलस्तीनी अमेरिकी संपत्ति की जब्ती को लेकर अमेरिका द्वारा संभावित प्रतिबंध लगाने की चेतावनी भी दी है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से भी इस मामले पर और सेटलर्स की हिंसा पर कड़े कदम उठाने की उम्मीद जताई जा रही है।

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