वेस्ट बैंक में अमेरिकी नागरिक Loui Ridi परिवार से मिले, अवैध इजरायली सेटलर के घेराव से मिली राहत.

फिलीपीनी मूल के अमेरिकी नागरिक Loui Ridi आखिरकार अपने घर वापस लौट आए हैं, जिससे उनके परिवार की एक हफ्ते से चली आ रही बड़ी मुसीबत खत्म हो गई है। यह घटना वेस्ट बैंक के Qusra गांव की है, जहां Loui Ridi सोमवार, 17 अगस्त 2026 को पहुंचे। अमेरिका के ओहायो राज्य के टोलेडो शहर रहने वाले 46 साल के Loui Ridi इस इलाके में अपनी संपत्ति की रक्षा के लिए आए थे, क्योंकि उनके भाई Qusai Abu Ridi और अन्य परिवार के सदस्यों को अवैध इजरायली सेटलर्स ने घर के अंदर ही घेर लिया था।
पानी और बिजली जैसी जरूरी चीजें थीं बंद
इस घेराव की वजह से घरों के अंदर फंसे लगभग 15 लोगों, जिनमें दो छोटे बच्चे भी शामिल थे, उनका बाहर निकलना पूरी तरह से बंद हो गया था। सेटलर्स की इस हरकत के कारण घरों की पानी और बिजली जैसी जरूरी सुविधाएं भी काट दी गई थीं। परिवार के लिए यह समय बहुत डरावना और मुश्किल भरा था, क्योंकि वे अपने ही घर के अंदर कैद होकर रह गए थे। इस गंभीर स्थिति के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई गई और मामले ने तूल पकड़ लिया।
अंतरराष्ट्रीय दखल और अमेरिकी झंडा फहराना
हालाँकि इजरायली सेना ने इस पूरे आस-पास के इलाके को बंद सैन्य क्षेत्र यानी क्लोज्ड मिलिट्री जोन घोषित कर दिया था, लेकिन सामने आए वीडियो फुटेज ने दुनिया भर का ध्यान खींचा। इन वीडियो में सैनिक सेटलर्स को रोकने के बजाय उनके साथ दोस्ताना व्यवहार करते हुए नजर आए, जिससे न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। इस घटना के बाद अमेरिका की तरफ से कड़ी आपत्ति जताई गई और संयुक्त राष्ट्र यानी UN को भी इसमें दखल देना पड़ा। संयुक्त राष्ट्र ने फंसे हुए परिवारों तक राहत सामग्री पहुँचाने के लिए अपने मानवीय कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा। अपनी संपत्ति पर पहुँचने के बाद Loui Ridi, जिनका घर Area B में स्थित है, सफलतापूर्वक अंदर गए और घर की छत पर अमेरिका का झंडा फहराया।
वेस्ट बैंक में लगातार बढ़ रहा है तनाव
यह पूरा मामला साल 2026 के दौरान कब्जे वाले वेस्ट बैंक में सेटलर्स से जुड़ी हिंसा में हुई भारी बढ़ोतरी के बीच सामने आया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस साल अब तक इजरायली सुरक्षा बलों और सेटलर्स के हाथों 87 फिलीपीनियों की जान जा चुकी है, जबकि फिलीपीनियों के हमलों में 3 इजरायली भी मारे गए हैं। हालांकि अगस्त के शुरुआती दिनों में सेना ने सेटलर्स के साथ अवैध गतिविधियों में शामिल दिखने वाले सैनिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का वादा किया था, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय परिवारों को लगातार उत्पीड़न और उनकी संपत्तियों पर खतरों का सामना करना पड़ रहा है।