फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शवेश ने भारत से एक बड़ी अपील की है। उन्होंने भारत को ईरान और इजराइल के बीच चल रही लड़ाई को रोकने के लिए बीच-बचाव करने को कहा है। उनका मानना है कि भारत की दुनिया में जो इज्जत और पकड़ है, उससे पश्चिम एशिया में शांति लौट सकती है।

3 जुलाई 2026 को दिए अपने बयान में राजदूत शवेश ने कहा कि भारत की स्थिति ऐसी है कि वह दोनों देशों के बीच सुलह करा सकता है। उन्होंने यह बात तब कही जब वह ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे।

राजदूत ने इजराइल की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि इजराइल किसी भी युद्धविराम को लंबे समय तक नहीं चलने देगा और जल्द ही लड़ाई फिर से शुरू करने की कोशिश करेगा। उन्होंने अक्टूबर 2023 की घटना का भी जिक्र किया जिसमें कई फिलिस्तीनियों की जान गई थी।

भारत का रुख और जानकारों की राय

भारत ने जून 2026 में साफ किया था कि वह चाहता है कि दोनों देश बातचीत के जरिए मामला सुलझाएं। लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत इस पूरे मामले में सिर्फ एक दर्शक बना हुआ है। उनका कहना है कि भारत ने ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर केवल एक जूनियर अधिकारी को भेजा, जबकि प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले इजराइल गए थे।

रणनीतिक जानकारों ने चेतावनी दी है कि अगर खाड़ी देशों में अस्थिरता बनी रही, तो इसका सीधा असर भारत की तेल सप्लाई, व्यापार और वहां रहने वाले भारतीयों पर पड़ेगा।

अबू शवेश के पुराने बयान

  • जून 2026 में अबू शवेश ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का समर्थन किया था और कहा था कि शांति से सबका फायदा होगा।
  • उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया और कहा कि भारत की बड़ी आबादी और अर्थव्यवस्था उसे एक मजबूत मध्यस्थ बनाती है।
  • अप्रैल 2026 में उन्होंने दो-राष्ट्र समाधान की बात कही थी और चेतावनी दी थी कि ईरान-इजराइल विवाद से वैश्विक सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
  • उन्होंने गजरा में मानवीय संकट की ओर भी ध्यान खींचने की कोशिश की जो ईरान विवाद की वजह से दब गया है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com