Palestinian Prisoner’s Day: इसराइल में बंद कैदियों का बुरा हाल, नया कानून आया जिससे दुनिया में मची हलचल

हर साल 17 अप्रैल को Palestinian Prisoner’s Day मनाया जाता है ताकि इसराइली जेलों में बंद हजारों पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के दर्द को याद किया जा सके। Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जेलों के हालात और भी गंभीर हो गए हैं। इसराइल सरकार ने कुछ ऐसे कड़े फैसले लिए हैं जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ गया है।

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इसराइल के नए कानून और दुनिया की प्रतिक्रिया क्या है?

30 मार्च 2026 को Israel की संसद Knesset ने एक नया कानून पास किया जिसे “Death Penalty for Terrorists Law” कहा जा रहा है। इस नियम के तहत आतंकवाद के आरोपी फिलिस्तीनियों को फांसी की सजा दी जा सकती है और इसमें माफी का कोई विकल्प नहीं रखा गया है। इस फैसले के बाद जर्मनी, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन जैसे देशों ने गहरी चिंता जताई है। UN की एक्सपर्ट Francesca Albanese ने कहा है कि जेलों में टॉर्चर करना अब एक सरकारी नीति बन गया है।

जेलों में बंद कैदियों की तादाद और मौजूदा स्थिति

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसराइली जेलों में बंद फिलिस्तीनियों की संख्या अब तक के सबसे बुरे दौर में पहुंच गई है। जेलों में रहने वाले लोगों की संख्या और उनकी स्थिति से जुड़ी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है।

विवरण संख्या / जानकारी
कुल राजनीतिक कैदी 9,600 से ज्यादा
बिना ट्रायल जेल में बंद (Administrative Detention) 3,500 से 3,660
बंद बच्चे करीब 350
बंद महिलाएं 84 से 86
गजा से पकड़े गए लोग (बिना चार्ज के) 1,251
अक्टूबर 2023 से अब तक मौतें 100 से ज्यादा
गजा स्ट्रिप से मरने वाले कैदी 52

मानवाधिकार संगठनों ने क्या आरोप लगाए हैं?

Palestinian Centre for Human Rights (PCHR) ने चेतावनी दी है कि जेलों के हालात अब युद्ध अपराधों जैसे हो गए हैं। कई कैदियों को गायब कर दिया गया है और उनके परिवार को कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। वहीं, BDS नेशनल कमेटी ने Microsoft, HP और Cisco जैसी बड़ी कंपनियों के खिलाफ अभियान शुरू करने का ऐलान किया है क्योंकि इन पर इसराइल की मदद करने का आरोप है।