Palestinian Prisoner’s Day: इसराइल की जेलों में बढ़े कैदी, नए कानून से मचा हड़कंप, दुनिया भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन
हर साल 17 अप्रैल को Palestinian Prisoner’s Day मनाया जाता है. इस साल इस दिन के ज़रिए इसराइल की जेलों में बंद हज़ारों पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की मुश्किलों को दुनिया के सामने लाया गया. नए कानूनों और बढ़ती गिरफ्तारियों की वजह से इस बार हालात काफी तनावपूर्ण रहे और कई देशों ने इस पर चिंता जताई है.
यह दिन क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कैसे हुई
इस दिन की शुरुआत साल 1974 में Palestinian National Council ने अपने 12वें सत्र के दौरान की थी. यह दिन महमूद बकर हिजाज़ी की रिहाई की याद में मनाया जाता है, जो इसराइल और फिलिस्तीनियों के बीच पहले कैदी विनिमय का हिस्सा थे. इसका मुख्य मकसद उन हज़ारों लोगों की स्थिति की ओर दुनिया का ध्यान खींचना है जो इसराइल की जेलों में बंद हैं.
जेलों में कैदियों की संख्या और नए नियमों का हाल
अप्रैल 2026 तक इसराइल की जेलों में बंद फिलिस्तीनियों की संख्या काफी बढ़ गई है. मार्च 2026 में इसराइल की संसद (Knesset) ने एक नया कानून पास किया, जिसके तहत हमलों में इसराइलियों की मौत होने पर फिलिस्तीनियों को मौत की सज़ा दी जा सकती है. इसके अलावा, बिना किसी आरोप या मुकदमे के लोगों को हिरासत में रखने का नियम भी जारी है.
| विवरण | आंकड़े / जानकारी |
|---|---|
| कुल कैदियों की संख्या | 9,600 से ज़्यादा (83% की बढ़ोतरी) |
| एडमिनिस्ट्रेटिव डिटेंशन (बिना मुकदमे) | 3,532 लोग (168% की बढ़ोतरी) |
| महिला कैदी | 86 महिलाएँ |
| नाबालिग कैदी | लगभग 350 बच्चे |
| गज़ा स्ट्रिप के हिरासत में लिए लोग | 1,251 (Unlawful Combatants Law के तहत) |
| ICRC की पहुँच | अक्टूबर 2023 से अनुमति नहीं |
दुनिया भर में विरोध और बड़े संगठनों की प्रतिक्रिया
इसराइल के नए डेथ पेनल्टी कानून का पूरी दुनिया में विरोध हो रहा है. OIC और Arab League ने इस कानून को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है. न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया जैसे शहरों में इसके खिलाफ रैलियां और प्रदर्शन हुए. वहीं Palestinian BDS नेशनल कमेटी ने Microsoft, HP और Cisco जैसी कंपनियों पर दबाव बनाने की अपील की है क्योंकि उन पर इन नियमों में मदद करने का आरोप है.