पूर्णिया के सांसद Pappu Yadav ने महिला आरक्षण पर एक ऐसा बयान दिया है जिससे देशभर में हंगामा मच गया है. उन्होंने दावा किया कि राजनीति में महिलाओं की स्थिति बहुत खराब है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए गलत रास्तों का सहारा लेना पड़ता है. इस बयान के बाद बिहार राज्य महिला आयोग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है और सांसद से जवाब मांगा है.

Pappu Yadav ने ऐसा क्या कहा जिससे मचा बवाल?

सांसद Pappu Yadav ने कहा कि 90% महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के बिस्तर से शुरू होता है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में यौन शोषण के मामलों में बड़े नेताओं की भूमिका रहती है. इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया कि 75% नेता पोर्न देखते हैं और कई सांसदों पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप हैं. उन्होंने मांग की कि नेताओं के मोबाइल फोन की जांच होनी चाहिए क्योंकि उनमें डेटा डिलीट नहीं होता है.

महिला आयोग और राजनीतिक पार्टियों की क्या प्रतिक्रिया रही?

बिहार राज्य महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया और Pappu Yadav को नोटिस जारी किया है. आयोग ने उनसे तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है और पूछा है कि उनकी लोकसभा सदस्यता क्यों रद्द नहीं की जानी चाहिए. वहीं भाजपा नेता शहजाद पूनावाला और चारु प्रज्ञा ने इस बयान को घृणित और महिला विरोधी बताया है. कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने भी इसे बेहद शर्मनाक और आपत्तिजनक करार दिया है.

अपने बयान पर पप्पू यादव ने क्या सफाई दी?

नोटिस मिलने के बाद Pappu Yadav ने अपने बयान का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि उनका मकसद केवल शक्तिशाली लोगों द्वारा महिलाओं के शोषण को सबके सामने लाना था. उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि उनके पास आयोग के ही एक सदस्य के खिलाफ सबूत हैं जिसे वह सार्वजनिक कर सकते हैं. फिलहाल सभी की नजरें उनके जवाब और महिला आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.