मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने की तैयारी शुरू हो गई है. ब्रिटेन और फ्रांस मिलकर 17 अप्रैल को पेरिस में एक बड़ी समिट की मेजबानी करेंगे. इसका मकसद युद्ध खत्म होने के बाद जहाजों की आवाजाही को बिना किसी डर के फिर से शुरू करना है, ताकि दुनिया भर के व्यापार और सामान की कीमतों पर बुरा असर न पड़े.

इस समिट में क्या खास होगा और क्या है योजना?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने बताया कि वे एक स्वतंत्र और अंतरराष्ट्रीय प्लान बना रहे हैं. यह मिशन पूरी तरह से रक्षात्मक होगा और इसका मकसद सिर्फ समुद्री रास्तों की सुरक्षा करना है. खास तौर पर Strait of Hormuz पर ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि यहाँ रुकावट आने से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ सकती है. यह पहल अमेरिका द्वारा लगाए गए किसी भी नेवल ब्लॉकेड से अलग होगी और इसे परिस्थितियों के हिसाब से जल्द लागू किया जाएगा.

कितने देश शामिल हैं और किन मुद्दों पर होगी बात?

इस मिशन को सफल बनाने के लिए अब तक 40 से अधिक देशों ने अपनी सहमति दी है. समिट में समुद्री सुरक्षा के अलावा ईरान के परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम, क्षेत्रीय तनाव और लेबनान के हालातों पर भी चर्चा की जाएगी. फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने बताया कि कई देशों के सैन्य प्रमुखों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है और तटीय देशों के साथ तालमेल बिठाया जा रहा है.

इस पहल में शामिल प्रमुख देशों की जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:

शामिल देश
जर्मनी
इटली
नीदरलैंड
ऑस्ट्रेलिया
जापान
कनाडा
दक्षिण कोरिया
न्यूजीलैंड
UAE
नाइजीरिया
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com