पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। एयरपोर्ट के बेबी केयर रूम में, जहां महिलाएं अपने बच्चों को दूध पिलाती हैं, वहां सीसीटीवी कैमरे लगे होने की बात पता चली है। यह मामला तब सामने आया जब एक मेजर की पत्नी अपने बच्चे के साथ वहां पहुंचीं और उनकी नजर कमरे में लगे कैमरों पर पड़ी। उन्होंने इस मामले की तुरंत शिकायत की जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को मौके पर बुलाया गया।

📰: यमन ने इजरायल पर दागी मिसाइलें, स्वेज नहर का रास्ता खतरे में, अब जहाजों के लिए लागू होगा नया नियम

कैसे पता चली कैमरों की बात और क्या हुआ असर?

मोतिहारी के रहने वाले एक मेजर अपनी पत्नी और बच्चे के साथ Indigo फ्लाइट से लौट रहे थे। एयरपोर्ट पर उनकी पत्नी बच्चे को दूध पिलाने के लिए बेबी केयर रूम में गईं। वहां उनकी नजर एक और फिर दूसरे कैमरे पर पड़ी, जिससे वह असहज हो गईं। उन्होंने तुरंत कमरे के बाहर मौजूद अपने पति को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मेजर ने मौके पर सुरक्षाकर्मियों और हाउसकीपिंग स्टाफ को बुलाया और वीडियो बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रशासन की सफाई और मौजूदा नियम क्या हैं?

एयरपोर्ट के कार्यवाहक निदेशक ने इस मामले पर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि ये कैमरे चुनाव के समय लगाए गए थे और दावा किया कि ये फिलहाल काम नहीं कर रहे थे। हालांकि, एयरपोर्ट पर मौजूद इस रूम में प्राइवेसी के नाम पर सिर्फ तीन कुर्सियां और एक टेबल ही थी। इस घटना से यात्रियों के बीच सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार नर्सिंग रूम में महिलाओं की प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखना जरूरी है।
  • भारत के नियमों के तहत किसी भी टॉयलेट या प्राइवेसी वाले रूम में कैमरा लगाना गैरकानूनी माना जाता है।
  • आमतौर पर एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज 30 दिनों तक सुरक्षित रखे जाते हैं।
  • मेजर और उनके परिवार ने सुरक्षाकर्मियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.