पटना और गोरखपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की तैयारी पूरी हो चुकी है। खास बात ये है कि गोपालगंज और थावे जंक्शन को भी इस हाई-स्पीड ट्रेन का स्टॉप बनाया जाएगा। ये ट्रेन यात्रियों को तेज़, आरामदायक और समय की बचत करने वाली यात्रा का अनुभव देगी।

रेलवे अफसरों से बैठक में तय हुआ रूट और टाइमिंग

वाराणसी डिविजन के रेलवे अफसरों के साथ सांसदों की बैठक में इस ट्रेन के रूट, टाइमिंग और स्टेशन के विकास को लेकर चर्चा हुई। इस ट्रेन के आने से बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।

थावे और गोपालगंज के लिए बढ़ेगा महत्त्व

थावे जंक्शन और गोपालगंज जैसे छोटे स्टेशन अब बड़े रूट का हिस्सा बनेंगे। इससे इन क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

लोकल ट्रेनों के टाइम में बदलाव का प्रस्ताव

बैठक में सिर्फ वंदे भारत ही नहीं, बल्कि कुछ लोकल ट्रेनों के टाइमिंग सुधारने का सुझाव भी दिया गया। जैसे:

ट्रेन नंबर पुराना समय प्रस्तावित नया समय बदलाव का कारण
55110 थावे पर ज्यादा रुकती है बिना रुके सीधा चलाने का प्रस्ताव समय की बचत
55035 17:35 18:05 दफ्तर से लौटने वालों के लिए बेहतर टाइम
15080 सुबह 6:50 सुबह 4:30 पटना ऑफिस समय पर पहुंचने में सहूलियत

थावे जंक्शन पर इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार की ज़रूरत

बैठक में थावे जंक्शन को अपग्रेड करने की बात भी उठी। स्टेशन पर ज्यादा ट्रेनों और यात्रियों को संभालने के लिए पिट लाइन, यार्ड और सुविधाएं बढ़ाने की सिफारिश की गई। हालांकि, कुछ विकास कार्य फाइलों में अटके हैं, जिन्हें जल्द शुरू करने की मांग उठी है।

अरुणाचल सुपरफास्ट एक्सप्रेस को बढ़ाने का सुझाव

बैठक में एक और प्रस्ताव आया कि अरुणाचल सुपरफास्ट एक्सप्रेस (जो अभी सिवान-थावे-गोरखपुर-दिल्ली रूट पर चलती है) को आगे बढ़ाकर और इलाकों तक जोड़ा जाए ताकि लंबी दूरी की यात्रा और आसान हो सके।

इस ट्रेन के चालू हो जाने के साथ गोपालगंज जिला जो कि बिहार और UP का बॉर्डर भी है वहाँ पहुँचने में लोगों को मुश्किल से एक घंटे का समय लगेगा। इस रूप में एक्सप्रेस ट्रेन न के बराबर है लेकिन बंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से इन ज़िलों में रहने वाले लोगों को 1 बड़ा बूस्ट मिलेगा।