अमेरिका ने ईरान के खिलाफ तैनात कीं बिना चालक वाली स्पीडबोट, खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर पेंटागन का बड़ा फैसला
पेंटागन ने आधिकारिक तौर पर ईरान के खिलाफ चल रहे अपने सैन्य अभियान के तहत बिना चालक वाली ड्रोन स्पीडबोट की तैनाती की घोषणा की है। इन नावों को गश्त लगाने और ईरानी सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए समुद्र में उतारा गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने पहली बार किसी सक्रिय संघर्ष में इस तरह के आधुनिक वेसल्स के इस्तेमाल की पुष्टि की है। यह कार्रवाई Operation Epic Fury के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना है।
क्या है यह नया ड्रोन सिस्टम और इसका काम?
इन बिना चालक वाली नावों को Global Autonomous Reconnaissance Craft (GARC) के नाम से जाना जाता है। इन्हें मैरीलैंड की कंपनी BlackSea ने तैयार किया है। ये नावें समुद्र में अब तक 2,200 समुद्री मील से ज्यादा की दूरी तय कर चुकी हैं और करीब 450 घंटों तक पानी में सक्रिय रही हैं। पेंटागन के अनुसार, इन वेसल्स का इस्तेमाल ईरान की मिसाइल क्षमताओं और सैन्य गतिविधियों की जासूसी करने के लिए किया जा रहा है।
| हथियार/सिस्टम | विवरण और काम |
|---|---|
| GARC Drone Boats | बिना चालक वाली जासूसी और हमलावर नावें |
| LUCAS Attack Drones | कम लागत वाले नए हमलावर ड्रोन सिस्टम |
| A-10 Thunderbolt II | ईरानी स्पीडबोट्स को निशाना बनाने वाले विमान |
| AH-64 Apache | समुद्र में हवाई सुरक्षा के लिए तैनात गनशिप |
खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर क्या होगा असर?
सऊदी अरब और उसके आसपास के समुद्री रास्तों, जैसे कि Strait of Hormuz, में तनाव बढ़ने का सीधा असर व्यापार पर पड़ता है। यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय जहाजों और तेल की सप्लाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि समुद्री रास्तों में सुरक्षा के कड़े इंतजामों से कमर्शियल उड़ानों और जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि इस अभियान के लक्ष्य लगभग पूरे हो चुके हैं, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है।
ईरानी अधिकारियों ने इस संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत के प्रस्तावों को फिलहाल खारिज कर दिया है। वहीं, अमेरिकी सेना ने खाड़ी में अतिरिक्त सैनिकों और हवाई संपत्तियों की तैनाती भी तेज कर दी है। सऊदी अरब ने हाल ही में कई ईरानी ड्रोन्स को मार गिराने की जानकारी दी थी, जिसके बाद से पूरे इलाके में अलर्ट जारी है।




