मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पेंटागन के अधिकारियों ने ईरान के अंदर अमेरिकी जमीनी सेना की संभावित तैनाती के लिए विस्तृत तैयारी शुरू कर दी है। CBS News की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने इस योजना के लिए जरूरी अनुरोध और रणनीतियां पेश की हैं। व्हाइट हाउस ने फिलहाल सेना भेजने के किसी भी निश्चित फैसले से इनकार किया है, लेकिन सैन्य स्तर पर हर विकल्प को तैयार रखा जा रहा है।

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पेंटागन की इन तैयारियों में क्या खास है?

पेंटागन ने अपनी प्लानिंग में कई महत्वपूर्ण सैन्य इकाइयों को शामिल किया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत एक्शन लिया जा सके। इस तैयारी के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • U.S. Army Global Response Force और Marine Corps को प्लानिंग का हिस्सा बनाया गया है।
  • मिडिल ईस्ट में हजारों अतिरिक्त Marines और तीन बड़े जंगी जहाजों की तैनाती की जा रही है।
  • अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सेना राष्ट्रपति को अधिकतम विकल्प देने के लिए यह तैयारी कर रही है।
  • अब तक ईरान के अंदर करीब 7,000 ठिकानों और 11 पनडुब्बियों पर अमेरिकी स्ट्राइक की खबरें आई हैं।

व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति ट्रंप का इस पर क्या रुख है?

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने स्पष्ट किया है कि पेंटागन की तैयारी का मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रपति ने सेना भेजने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति फिलहाल कहीं भी जमीनी सेना भेजने की योजना नहीं बना रहे हैं।

पक्ष ताज़ा बयान / स्थिति
President Trump कहा कि वह फिलहाल कहीं सेना नहीं भेज रहे, लेकिन वह अपनी रणनीति मीडिया को नहीं बताएंगे।
Saudi Arabia शांति का समर्थन किया लेकिन किसी भी हमले का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा।
United Nations दोनों पक्षों द्वारा युद्ध अपराध की संभावना पर चिंता व्यक्त की है।
Pentagon युद्ध के लिए कांग्रेस से अतिरिक्त 200 बिलियन डॉलर की फंडिंग की मांग की जा सकती है।

इस बीच ईरान की ओर से इज़राइल और खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल हमले जारी रहने की खबरें मिली हैं। अमेरिका फिलहाल ईरान के Kharg Island जैसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र की घेराबंदी करने के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है ताकि दबाव बनाया जा सके।