अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने इसराइल की जासूसी गतिविधियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पेंटागन की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) ने इसराइल के काउंटर-इंटेलिजेंस खतरे के स्तर को बढ़ाकर ‘क्रिटिकल’ कर दिया है, जो कि सबसे गंभीर स्तर माना जाता है। यह फैसला राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच ईरान और लेबनान जंग को लेकर चल रहे तनाव के बीच आया है। हालांकि, व्हाइट हाउस और इसराइल ने इन जासूसी के दावों को पूरी तरह खारिज किया है।

पेंटागन ने जासूसी के खतरे को सबसे गंभीर स्तर पर क्यों रखा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, पेंटागन की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) ने एक सात पन्नों का दस्तावेज और चार्ट तैयार किया है। इसमें इसराइल की ओर से अमेरिका के खिलाफ इंसानी जासूसी और तकनीकी स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने की कोशिशों का जिक्र किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने चिंता जताई है कि इसराइल की खुफिया एजेंसियां अमेरिकी फैसलों की जानकारी निकालने के लिए बहुत आक्रामक तरीके से काम कर रही हैं। इसके अलावा इसराइल में तैनात कुछ अमेरिकी कर्मियों के फोन में जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल होने की बातें भी सामने आई हैं।

इस जासूसी मामले में किन अमेरिकी अधिकारियों को बनाया गया निशाना?

इस जासूसी के घेरे में राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत Steve Witkoff, पेंटागन के नीति अधिकारी Elbridge A. Colby और उनके डिप्टी Michael P. DiMino IV के आने की आशंका जताई गई है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इसराइल मध्य पूर्व के संघर्षों और ईरान से निपटने की अमेरिकी नीतियों की पहले से जानकारी हासिल करना चाहता था।

इस पूरे मामले पर व्हाइट हाउस और इसराइल का क्या है रुख?

वॉशिंगटन में मौजूद इसराइली दूतावास ने इन खबरों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। दूतावास ने बयान जारी कर कहा है कि यह रिपोर्ट पूरी तरह से झूठी है और इसराइल अमेरिका जैसे अपने सहयोगी देशों के खिलाफ जासूसी नहीं करता है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप के व्हाइट हाउस ने भी इन दावों को गलत और बेबुनियाद बताया है। वहीं, इस मुद्दे पर पेंटागन ने कोई भी आधिकारिक टिप्पणी करने से मना कर दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पेंटागन ने इसराइल के जासूसी खतरे को किस श्रेणी में रखा है?

पेंटागन की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) ने इसराइल के काउंटर-इंटेलिजेंस खतरे के स्तर को बढ़ाकर ‘क्रिटिकल’ श्रेणी में डाल दिया है, जो सबसे गंभीर चिंता को दर्शाता है।

क्या इसराइल ने जासूसी के आरोपों को स्वीकार किया है?

नहीं, वॉशिंगटन स्थित इसराइली दूतावास ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि इसराइल केवल अपने दुश्मनों के खिलाफ खुफिया अभियान चलाता है, दोस्तों के खिलाफ नहीं।