अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन ने सुरक्षा खतरे के स्तर को काफी बढ़ा दिया है। यह कदम उन खुफिया रिपोर्टों के बाद उठाया गया है जिनमें दावा किया गया है कि इसराइल अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता की जासूसी कर रहा है। इस बीच, पाकिस्तान इस बड़े राजनयिक गतिरोध को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के साथ मध्यस्थता करने की कोशिशों में जुटा है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव की स्थिति अभी भी बनी हुई है और शांति समझौते की राह में मुश्किलें आ रही हैं।

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इसराइल पर क्यों लगा जासूसी का आरोप और पेंटागन ने क्या कदम उठाया?

पेंटागन की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) ने इसराइल से जुड़े काउंटरइंटेलिजेंस खतरे के आकलन को बढ़ाकर अपने उच्चतम स्तर ‘क्रिटिकल’ पर कर दिया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि इसराइली जासूसों ने ईरान के साथ शांति वार्ता में शामिल प्रमुख अमेरिकी वार्ताकारों की बातें सुनी हैं। इन अधिकारियों में राष्ट्रपति ट्रंप के मुख्य वार्ताकार स्टीव विटकॉफ, शीर्ष पेंटागन नीति अधिकारी एलब्रिज ए. कोल्बी और माइकल पी. डिमिनो चतुर्थ शामिल हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस और वाशिंगटन में इसराइली दूतावास ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और बातचीत में आ रही रुकावटें क्या हैं?

इस संकट के बीच पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने शनिवार को तेहरान का दौरा किया और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत की। पाकिस्तान का लक्ष्य बातचीत के रास्ते में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए नए प्रस्ताव पेश करना है। ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई ने कहा है कि अमेरिका-ईरान वार्ता अभी रुकी हुई है और इस गतिरोध को खत्म करने के लिए ट्रंप प्रशासन को आगे आना होगा। इसके साथ ही ईरान ने अपनी फ्रीज की गई अरबों डॉलर की संपत्ति को जारी करने की मांग की है ताकि विश्वास का माहौल बन सके। इस अशांति के बीच ईरान की ओर से कुवैत और बहरीन की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की खबरें भी सामने आई हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पेंटागन ने इसराइल को लेकर क्या फैसला किया है?

पेंटागन की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी ने जासूसी की चिंताओं को देखते हुए इसराइल से जुड़े खतरे के स्तर को बढ़ाकर ‘क्रिटिकल’ श्रेणी में डाल दिया है।

इस मामले पर इसराइल और व्हाइट हाउस का क्या रुख है?

इसराइली दूतावास और व्हाइट हाउस दोनों ने जासूसी के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और कहा है कि ये रिपोर्टें सच नहीं हैं।

पाकिस्तान इस विवाद में क्या भूमिका निभा रहा है?

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और गतिरोध दूर करने के लिए हाल ही में पाकिस्तानी मंत्री ने ईरान का दौरा किया है।