अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। पेंटागन ने अमेरिकी कांग्रेस से 200 अरब डॉलर से ज्यादा के अतिरिक्त बजट की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी रकम की मांग इस बात की तरफ इशारा करती है कि अमेरिका और इज़राइल का ईरान के साथ चल रहा यह युद्ध काफी लंबे समय तक चल सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मांग का बचाव करते हुए इसे देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है।

पेंटागन की इस भारी भरकम मांग का क्या मतलब है?

पेंटागन ने आधिकारिक तौर पर व्हाइट हाउस से इस फंड को मंजूरी देने के लिए कहा है ताकि चल रहे युद्ध को जारी रखा जा सके। रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा कि दुश्मनों से निपटने के लिए भारी खर्च की जरूरत होती है और यह आंकड़ा भविष्य में बदल भी सकता है। Inkstick Media की फाउंडर Laicie Heeley के मुताबिक, 200 अरब डॉलर की यह मांग बताती है कि युद्ध अभी खत्म नहीं होने वाला है और यह काफी लंबा खिंचेगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल Brad Cooper ने बताया कि ईरान के खिलाफ अभियान योजना के अनुसार चल रहा है और मुख्य रूप से मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली जगहों को निशाना बनाया जा रहा है।

युद्ध की वर्तमान स्थिति और खाड़ी देशों पर इसका असर

28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस युद्ध के कारण अब तक हजारों लोग घायल हो चुके हैं। ईरान ने धमकी दी है कि अगर उसके पावर प्लांट पर हमला हुआ, तो वह Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद कर देगा और क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। इसका सीधा असर कतर, यूएई, सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों की ऊर्जा सप्लाई और सुरक्षा पर पड़ सकता है।

प्रमुख जानकारी विवरण
मांगी गई राशि 200 अरब डॉलर से अधिक
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
मुख्य टारगेट ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकाने
ईरान की धमकी Strait of Hormuz बंद करने की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति का पक्ष सुरक्षा के लिए यह एक छोटी कीमत है

व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारियों का मानना है कि इस मांग को संसद से मंजूरी मिलना कठिन हो सकता है क्योंकि विपक्षी दल और कुछ अपनी ही पार्टी के सदस्य इतनी बड़ी राशि पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, इज़राइल ने संकेत दिए हैं कि वह जल्द ही लेबनान में जमीनी अभियान शुरू कर सकता है, जिससे यह संकट और गहरा होने की उम्मीद है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.