Yemen Airstrikes: अमेरिका ने माना साल 2025 में यमन पर किए हमलों में हुई थी 153 नागरिकों की मौत, कांग्रेस को सौंपी रिपोर्ट

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के आधिकारिक दस्तावेजों से एक बड़ा खुलासा सामने आया है जिसमें यह बात सामने आई है कि साल 2025 के दौरान यमन में होती सैन्य कार्रवाइयों और एयरस्ट्राइक्स में भारी मात्रा में आम लोगों की जान गई थी। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 11 से 12 अगस्त 2026 को यह जानकारी सार्वजनिक की गई कि अमेरिकी हमलों की वजह से कुल 153 नागरिकों की मौत हुई और लगभग 243 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पेंटागन ने नागरिक नुकसान को लेकर अपनी सालाना रिपोर्ट में इन सभी डेटा को अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेश किया है और माना है कि यह सभी कैजुअल्टीज मुख्य रूप से तीन अलग-अलग घटनाओं के दौरान सामने आई थीं।
अप्रैल 2025 के दौरान हुई थीं मुख्य घटनाएं
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 के अप्रैल महीने में अमेरिकी सैन्य अभियानों के दौरान ऐसे तीन बड़े मामले सामने आए जिनमें नागरिकों के हताहत होने की पूरी संभावना थी। इनमें से पहली घटना 6 अप्रैल को सना के पास हुई थी जिसमें 5 आम नागरिकों की जान चली गई थी। इसके बाद दूसरी सबसे बड़ी घटना 17 अप्रैल को रस ईसा पोर्ट के पास हुई जहाँ एक एयरस्ट्राइक में 80 नागरिकों की मौत हो गई और करीब 171 लोग घायल हो गए थे। इस विशेष घटना को लेकर मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी अपनी चिंता जताई थी और कहा था कि इसकी जांच युद्ध अपराध के तहत की जानी चाहिए। इसके अलावा तीसरी घटना 28 अप्रैल को सादा के पास पेश आई थी जिसमें 68 नागरिकों की मौत दर्ज की गई थी। यह तमाम सैन्य अभियान हूती विद्रोहियों को निशाना बनाने के लिए चलाए जा रहे थे।
बिना मौके पर जाए तैयार की गई रिपोर्ट
साल 2018 में बने एक कानून के तहत पेंटागन के लिए यह अनिवार्य किया गया था कि वह कांग्रेस को नागरिकों को पहुँचने वाले नुकसान की पूरी जानकारी दे। इस पूरी समीक्षा रिपोर्ट को तैयार करने के लिए अमेरिकी खुफिया जानकारी, सैटेलाइट इमेजरी और सार्वजनिक रिपोर्ट्स का सहारा लिया गया था जबकि किसी भी अधिकारी ने मौके पर जाकर जमीनी मुआयना या पीड़ितों के इंटरव्यू नहीं किए थे। इतनी बड़ी संख्या में बेकसूर लोगों के मारे जाने के बावजूद पेंटागन की इस आंतरिक समीक्षा में यह निष्कर्ष निकाला गया कि इनमें से किसी भी मामले में पीड़ितों के परिवारों को किसी भी तरह का सांत्वना मुआवजा देने की जरूरत नहीं है। इस फैसले की मानवाधिकार विशेषज्ञों द्वारा तीखी आलोचना की जा रही है क्योंकि इसे बहुत जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बताया गया है।
ट्रंप प्रशासन और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का फैसला
यमन में चलाया गया यह पूरा सैन्य अभियान राष्ट्रपति डोंल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की देखरेख में अधिकृत किया गया था। रक्षा मंत्री बनने के बाद उन्होंने पेंटागन के उस विशेष कार्यालय को बंद कर दिया था जिसका मुख्य काम सैन्य अभियानों के दौरान आम नागरिकों को होने वाले नुकसान को कम करना था। इस कदम के बाद से ही दुनिया भर के मानवाधिकार संगठनों और कानूनविदों ने यमन में युद्ध नियमों के पालन को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी। पेंटागन के अधिकारी अभी भी गैर-सरकारी संगठनों से मिली रिपोर्ट्स के आधार पर साल 2025 की ऐसी ही 15 अन्य घटनाओं की गहराई से जांच और समीक्षा करने में जुटे हुए हैं।