फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में इस समय हालात बहुत खराब हैं। करीब 20,000 नाविक समुद्री नाकाबंदी और सैन्य खतरों के बीच फंस गए हैं। इन लोगों के पास खाने और पीने के पानी की भारी कमी हो गई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इसे एक बड़ा मानवीय संकट बताया है क्योंकि नाविक युद्ध और प्रतिबंधों की लड़ाई में बीच में फंस गए हैं।

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Persian Gulf में क्या हो रहा है और नाविक क्यों फंसे हैं?

यह संकट पिछले करीब आठ हफ्तों से चल रहा है। ईरान ने 4 मार्च 2026 को होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया था। इसके बाद 13 अप्रैल 2026 से अमेरिका ने ईरान पर समुद्री नाकाबंदी लागू कर दी। हालात यह हैं कि जहाज न तो ईरान के बंदरगाहों में जा पा रहे हैं और न ही बाहर निकल पा रहे हैं।

  • ईरान की कार्रवाई: ईरान की IRGC ने चेतावनी दी है कि जो जहाज उनके बताए रास्तों से नहीं चलेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
  • अमेरिका का रुख: अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने 24 अप्रैल 2026 को साफ कहा कि यह नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक जरूरत होगी।
  • मौजूदा स्थिति: नाविकों के पास बुनियादी सुविधाओं की कमी है और वे मानसिक तनाव और थकान से जूझ रहे हैं।

नाविकों की हालत और भारत सरकार की कोशिशें

जहाजों पर फंसे नाविकों की स्थिति बहुत दयनीय है। फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव Manoj Yadav ने बताया कि ईरान के पोर्ट अथॉरिटी ने शायद जैमर चालू कर दिए हैं, जिससे नाविकों का संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया है। उन्होंने कहा कि जहाज अब जेल की तरह बन गए हैं।

इस संकट में अब तक मार्च 2026 में कम से कम सात नाविकों की जान जा चुकी है। ड्रोन और समुद्री माइन्स का खतरा हर वक्त बना रहता है। भारत सरकार ने अब तक करीब 2,680 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला है, लेकिन अब भी हजारों भारतीय नाविक वहां फंसे हुए हैं। कुछ नाविकों को तो क्रिप्टोकरेंसी के बदले सुरक्षित निकालने का झांसा देकर ठगा भी गया है।

UN और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। IMO के सचिव-जनरल Arsenio Dominguez ने कहा कि यह स्थिति बहुत भयानक है और नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। वे नाविकों को निकालने के लिए एक बड़े ऑपरेशन की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, मैरीटाइम सेफ्टी डिवीजन के डायरेक्टर Damien Chevallier ने इसे एक “अभूतपूर्व स्थिति” बताया है जिसका सामना पहले कभी नहीं किया गया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

फारस की खाड़ी में कितने नाविक फंसे हुए हैं और क्यों?

करीब 20,000 नाविक वहां फंसे हुए हैं। यह समस्या ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने और अमेरिका द्वारा लगाई गई समुद्री नाकाबंदी के कारण हुई है।

भारतीय नाविकों के लिए क्या अपडेट है?

भारत सरकार ने अब तक 2,680 नाविकों को वहां से निकाला है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में भारतीय नाविक उन जहाजों पर फंसे हैं जिन्हें जेल जैसा बताया जा रहा है।