अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ एक बड़ा समझौता करना चाहते हैं और इस मामले में वह काफी धैर्य से काम ले रहे हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग (Department of War) के सचिव पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग में यह बात कही है। हेगसेथ ने बताया कि ट्रम्प केवल उसी समझौते को स्वीकार करेंगे जो बहुत बेहतरीन होगा और जिससे अमेरिका के हितों की रक्षा होगी। इसके साथ ही उन्होंने ताइवान को हथियारों की सप्लाई पर पूछे गए सवालों पर चुप्पी साध ली।

ईरान के साथ समझौते पर अमेरिका का क्या है नया प्लान?

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ वॉर के प्रमुख पीट हेगसेथ ने 30 मई 2026 को सिंगापुर में बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ एक शानदार समझौते की उम्मीद कर रहे हैं। हेगसेथ के अनुसार, ट्रम्प केवल ऐसा समझौता मानेंगे जिससे यह पूरी तरह पक्का हो सके कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने खुद कहा था कि वह इस मामले पर अंतिम फैसला लेने जा रहे हैं। हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि उन्होंने 30 मई की सुबह ही राष्ट्रपति से बात की थी, जिसमें ट्रम्प ने इस मुद्दे पर अपने धैर्य को दोहराया था। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान पर फिर से हमले शुरू करने के लिए तैयार है क्योंकि अमेरिकी सेना के पास हथियारों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

ताइवान को हथियारों की सप्लाई रोकने पर उठे सवाल

सिंगापुर में सुरक्षा सम्मेलन के दौरान जब पीट हेगसेथ से ताइवान को हथियारों की सप्लाई की मौजूदा स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस सवाल को टाल दिया। इससे पहले 26 मई 2026 को ऐसी खबरें आई थीं कि अमेरिका ने ताइवान को भेजी जाने वाली अरबों डॉलर की हथियारों की खेप पर रोक लगा दी है। कार्यवाहक अमेरिकी नौसेना सचिव हंग काओ ने पहले कहा था कि इन हथियारों को ईरान युद्ध (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी) के लिए पर्याप्त सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से रोका गया है। वहीं राष्ट्रपति ट्रम्प ने पहले हथियारों की इस सप्लाई को चीन के साथ बातचीत में एक अच्छे पत्ते की तरह इस्तेमाल करने की बात कही थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने ईरान के साथ समझौते को लेकर क्या बयान दिया है?

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ एक बेहतरीन समझौते के लिए पूरी तरह धैर्यवान हैं, लेकिन समझौता न होने की स्थिति में अमेरिका हमले दोबारा शुरू करने के लिए भी तैयार है।

क्या अमेरिका ने ताइवान को हथियारों की सप्लाई पर रोक लगा दी है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान युद्ध के लिए पर्याप्त हथियार सुरक्षित रखने और चीन के साथ रणनीतिक बातचीत के तहत ताइवान की अरबों डॉलर की हथियार सप्लाई को फिलहाल रोक दिया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com