चीन की सबसे बड़ी गैस और तेल कंपनी PetroChina के चेयरमैन ने कतर के ऊर्जा मंत्री के साथ एक वीडियो मीटिंग की। इस बातचीत में मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालातों और उससे ऊर्जा सप्लाई पर पड़ने वाले असर पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर विचार किया कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण तेल और गैस की मांग और आपूर्ति कैसे प्रभावित हो रही है।
मीटिंग में किन मुख्य बातों पर चर्चा हुई?
PetroChina के चेयरमैन और कतर के ऊर्जा मंत्री Saad Sherida Al-Kaabi ने वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर इसके असर को समझा। कतर ने भरोसा दिलाया कि वह दुनिया के लिए ऊर्जा की सप्लाई करने वाला एक भरोसेमंद देश बना रहेगा।
ऊर्जा संकट को लेकर कतर ने क्या चेतावनी दी थी?
मार्च 2026 में मंत्री Al-Kaabi ने चेतावनी दी थी कि मिडिल ईस्ट में लड़ाई बढ़ने से खाड़ी देश निर्यात रोक सकते हैं। इस स्थिति में कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है, जिससे दुनिया की आर्थिक ग्रोथ धीमी हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर लड़ाई तुरंत रुक भी जाए, तो सप्लाई सामान्य होने में हफ़्तों या महीनों का समय लग सकता है।
सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए गए?
कतर ने हाल के समय में अमेरिका और भारत के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। 10 अप्रैल 2026 को कतर के ऊर्जा मंत्री ने भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री से मुलाकात की थी। इस चर्चा में ग्लोबल एनर्जी इंडस्ट्री पर असर और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया। कतर ने अमेरिका के साथ भी रणनीतिक सहयोग पर बात की ताकि ग्लोबल मार्केट में LNG की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
