भारत की सबसे बड़ी गैस आयातक कंपनी Petronet LNG को उम्मीद है कि मिडिल ईस्ट का संकट जल्द खत्म होगा। इससे कतर की LNG सुविधाएं फिर से सामान्य तौर पर काम करने लगेंगी और भारत को मिलने वाली गैस की सप्लाई में सुधार होगा। कंपनी का मानना है कि अगले कुछ हफ्तों में सप्लाई चेन फिर से पटरी पर आ जाएगी।
गैस सप्लाई कब तक होगी सामान्य और क्या है ताजा स्थिति?
Petronet LNG के फाइनेंस हेड सौरव मित्रा ने बताया कि अगर हालात जल्दी सुधरते हैं, तो जून के पहले हफ्ते से सालाना डिलीवरी प्लान के मुताबिक पूरी गैस सप्लाई फिर से शुरू हो सकती है। हालांकि, शिपिंग में दिक्कतों और होर्मुज जलडमरूमध्य के लगभग बंद होने के कारण कतरएनर्जी ने जून के मध्य तक ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) का विस्तार कर दिया है।
मार्च में ईरानी मिसाइल हमलों की वजह से कतर की रास लाफान सुविधा को नुकसान पहुँचा था। इस कारण मार्च और अप्रैल 2026 में कतर से कोई एलएनजी शिपमेंट भारत नहीं पहुँचा और मई में भी आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका है।
भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्या कदम उठा रहा है?
Petronet LNG के सीईओ ए.के. सिंह ने जानकारी दी कि मौजूदा स्टोरेज क्षमता युद्ध जैसी आपात स्थितियों के लिए पर्याप्त नहीं है। इसे देखते हुए भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए 7 नए एलएनजी भंडारण टैंक बनाने की योजना बना रहा है। इन नई परियोजनाओं को पूरा होने में लगभग तीन साल का समय लगेगा।
सप्लाई में आई रुकावट की वजह से Petronet LNG ने मार्च 2026 में अपने प्रमुख ऑफ-टेकर्स जैसे GAIL, IOCL और BPCL को फोर्स मेज्योर नोटिस जारी किए थे, जिससे देश के औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए गैस की सप्लाई में कटौती हुई थी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कतर से आयात प्रतिशत | 40-50% |
| पूर्ण आपूर्ति की उम्मीद | जून का पहला हफ्ता |
| फोर्स मेज्योर विस्तार | जून के मध्य तक |
| नए भंडारण टैंकों की संख्या | 7 |
| टैंक निर्माण में समय | 3 साल |
| प्रभावित प्लांट | रास लाफान (कतर) |
| मुख्य ऑफ-टेकर्स | GAIL, IOCL, BPCL |
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत अपनी कितनी एलएनजी ज़रूरत कतर से पूरी करता है?
भारत अपनी कुल एलएनजी ज़रूरतों का लगभग 40 से 50 प्रतिशत कतर से आयात करता है।
गैस सप्लाई में देरी का मुख्य कारण क्या है?
ईरानी मिसाइल हमलों से कतर की रास लाफान सुविधा को नुकसान पहुँचा और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से शिपिंग बाधित हुई।