फिलिपिनो करेंसी पेसो (Philippine Peso) ने 24 जुलाई 2026 को डॉलर के मुकाबले अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पेसो की वैल्यू में बड़ी गिरावट देखी गई है। कारोबार के दौरान यह P61.847 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ, जिससे देश की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
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महंगाई और आम आदमी पर असर
इस गिरावट का सीधा असर फिलीपींस के आम परिवारों पर पड़ रहा है। पेट्रोल, डीजल, खाने-पीने की चीजों और विदेशों से आने वाले सामानों के दाम में बढ़ोतरी हो रही है। देश में महंगाई दर फिलहाल 4.8 प्रतिशत पर चल रही है, जो सरकार के 2 से 4 प्रतिशत के लक्ष्य से काफी ज्यादा है। हालांकि, जो लोग विदेशों (जैसे गल्फ देशों) से अपने परिवार को पैसे भेजते हैं, उन्हें अब पहले के मुकाबले कुछ ज्यादा रुपयों का फायदा मिल सकता है, लेकिन घरेलू बाजार में बढ़ती महंगाई से राहत मिलने के आसार कम हैं।
सरकार और सेंट्रल बैंक की तैयारी
बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए Bangko Sentral ng Pilipinas (BSP) ने विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया है। सेंट्रल बैंक ने पेसो को सहारा देने के लिए डॉलर की बिक्री की है और अपनी पॉलिसी ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर इसे 4.75 प्रतिशत कर दिया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| रिकॉर्ड क्लोजिंग | P61.847 |
| ब्याज दर | 4.75% |
| महंगाई दर | 4.8% |
| अनुमानित गिरावट (2026 अंत) | P63 per dollar |
आर्थिक जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में पेसो P62 के स्तर तक गिर सकता है। Fitch Group की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 के अंत तक यह P63 प्रति डॉलर तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में सरकार को भविष्य में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करने की जरूरत पड़ सकती है।
