फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने 24 मार्च 2026 को एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि देश में जेट ईंधन (Jet Fuel) की भारी कमी के कारण विमानों की उड़ानों को रोका जा सकता है। यह संकट ईरान पर चल रहे युद्ध और वैश्विक तेल सप्लाई में आई बाधाओं की वजह से पैदा हुआ है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार अब ईंधन की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए भारत, चीन और जापान जैसे देशों से बातचीत कर रही है।

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ईंधन की कमी के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?

  • ईरान युद्ध: फरवरी 2026 के अंत से शुरू हुए इस युद्ध ने Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण शिपिंग रास्तों को बाधित कर दिया है।
  • कुवैत रिफाइनरी पर असर: 19 मार्च को कुवैत की Mina Al-Ahmadi और Mina Abdulla रिफाइनरियों पर हुए हमलों ने दुनिया की 10% समुद्री जेट ईंधन सप्लाई को प्रभावित किया है।
  • चीन का निर्यात प्रतिबंध: चीन ने रिफाइंड ईंधन उत्पादों के निर्यात पर रोक लगा दी है, जिससे दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थिति और खराब हो गई है।
  • बड़ी सप्लाई में गिरावट: IEA के अनुसार, बाजार में रोजाना 11 मिलियन बैरल तेल की कमी देखी जा रही है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है।

आम जनता और यात्रियों पर इसका क्या असर होगा?

इस संकट का सीधा असर हवाई यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ने वाला है। फिलीपींस सरकार ने ईंधन बचाने के लिए पहले ही सरकारी दफ्तरों में एयर कंडीशनिंग को 24 डिग्री से कम न रखने का आदेश दिया है। इसके अलावा 4 दिन के वर्क वीक और ईंधन सब्सिडी देने पर भी विचार किया जा रहा है। अगर यह स्थिति लंबी खिंचती है, तो खाड़ी देशों से दक्षिण-पूर्व एशिया जाने वाले प्रवासियों और पर्यटकों के लिए टिकट महंगे हो सकते हैं या उड़ानें रद्द हो सकती हैं। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि रिफाइंड तेल की कमी अब कच्चे तेल की कमी से भी ज्यादा गंभीर हो गई है।