फिलीपींस की राजधानी Manila में जीपनी ड्राइवरों के लिए मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। डीजल की कीमतों में लगातार हो रही भारी बढ़ोतरी ने उनके दैनिक जीवन और काम को बुरी तरह प्रभावित किया है। Middle East में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की अस्थिरता की वजह से फिलीपींस में ईंधन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए कुछ कदम जरूर उठाए हैं, लेकिन ड्राइवरों का कहना है कि यह मौजूदा महंगाई के सामने बहुत कम हैं।

डीजल की कीमतों में भारी उछाल और वर्तमान स्थिति

मार्च 2026 के आखिरी हफ्ते में डीजल की कीमतों में एक और बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। ऊर्जा विभाग (DOE) ने पुष्टि की है कि अंतरराष्ट्रीय कारणों से ईंधन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इस संकट को समझने के लिए नीचे दिए गए आंकड़ों पर नजर डालें:

तारीख (2026) महत्वपूर्ण घटनाक्रम
6-9 मार्च DOE ने डीजल के लिए 49.00 से 66.59 पीसो का प्राइस कैप लगाया था।
17 मार्च तेल कंपनियों ने डीजल की कीमतों में 20.40 से 23.90 पीसो की भारी वृद्धि की।
19-20 मार्च बढ़ती कीमतों के विरोध में PISTON और अन्य संगठनों ने हड़ताल की।
24 मार्च डीजल के दाम 130 पीसो प्रति लीटर के पार पहुंच गए।
रिकॉर्ड कीमत कुछ क्षेत्रों में डीजल की कीमत 134.30 पीसो प्रति लीटर तक दर्ज की गई।

जीपनी ड्राइवरों की समस्या और सरकारी फैसला

मनीला की सड़कों पर चलने वाली पारंपरिक Jeepney के ड्राइवरों के लिए अब गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। ईंधन की कीमतों में इजाफे की वजह से उनकी दैनिक बचत पर गहरा असर पड़ा है। इस स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने कुछ कड़े फैसले लिए हैं:

  • कमाई में गिरावट: हाई फ्यूल कॉस्ट की वजह से कई ड्राइवर दिन भर में मात्र 150 पीसो ही कमा पा रहे हैं।
  • किराये पर रोक: राष्ट्रपति Ferdinand R. Marcos Jr. ने सार्वजनिक वाहनों के किराए में बढ़ोतरी के फैसले को फिलहाल टाल दिया है ताकि आम यात्रियों पर बोझ न बढ़े।
  • ईंधन सब्सिडी: सरकार ने पारंपरिक जीपनी के लिए 5,000 पीसो और आधुनिक यूनिट्स के लिए 10,000 पीसो की सब्सिडी का प्रस्ताव दिया है, जिसे ड्राइवर संगठन नाकाफी बता रहे हैं।
  • बफर स्टॉक: DOE ने देश में 45 दिनों का तेल स्टॉक होने का आश्वासन दिया है और अतिरिक्त स्टॉक के लिए 20 अरब पीसो आवंटित किए हैं।
  • स्टेशन बंदी: बाजार की अस्थिरता के कारण देश में लगभग 400 पेट्रोल पंप बंद हो चुके हैं।

Energy Secretary Sharon Garin ने साफ किया है कि यह कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर Middle East के संघर्ष से जुड़ा हुआ है। परिवहन समूहों जैसे Manibela और ACTO ने सरकार से मांग की है कि ईंधन पर लगने वाले एक्साइज टैक्स को हटाया जाए ताकि ड्राइवरों को कुछ राहत मिल सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com