फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने देश में नेशनल एनर्जी इमरजेंसी (National Energy Emergency) लागू कर दी है। यह फैसला अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से पैदा हुए तेल संकट को देखते हुए लिया गया है। इस घोषणा के बाद फिलीपींस दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसने इस विशेष संघर्ष की वजह से इमरजेंसी लगाई है। यह आदेश फिलहाल एक साल के लिए प्रभावी रहेगा ताकि देश में ऊर्जा की कमी न हो और बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखा जा सके।

ℹ️: Iran-US Tension News: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से पाकिस्तान में संकट, बढ़ सकती है भारी महंगाई

सरकार द्वारा उठाए गए मुख्य कदम और नए नियम

राष्ट्रपति मार्कोस ने Executive Order (EO) No. 110 के जरिए एक विशेष फ्रेमवर्क ‘UPLIFT’ लागू किया है। इसके तहत सरकार को ईंधन और भोजन जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ दृष्टिकोण अपनाने की शक्ति मिली है। ऊर्जा विभाग (DOE) को निर्देश दिया गया है कि वे जमाखोरी और तेल की कीमतों में हेरफेर करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। इसके अलावा, सरकार को तेल खरीदने के लिए 15% तक एडवांस पेमेंट करने की अनुमति भी दी गई है ताकि समय पर स्टॉक सुरक्षित किया जा सके।

मुख्य जानकारी विवरण
ईंधन स्टॉक की स्थिति लगभग 45 दिन
नया तेल ऑर्डर 10 लाख बैरल (बफर स्टॉक के लिए)
मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कुल ऊर्जा का 26 प्रतिशत
आदेश की अवधि 1 वर्ष (24 मार्च 2026 से प्रभावी)

तेल की उपलब्धता और परिवहन यूनियनों का विरोध

फिलीपींस अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है, इसलिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। ऊर्जा सचिव शेरोन गारिन के अनुसार, देश 10 लाख बैरल तेल खरीदने के लिए अन्य देशों से संपर्क कर रहा है। बिजली संकट को टालने के लिए कोयले से चलने वाले पावर प्लांट का उत्पादन बढ़ाने पर भी काम चल रहा है। वाशिंगटन में फिलीपींस के राजदूत उन देशों से तेल खरीदने की छूट मांग रहे हैं जिन पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हैं।

दूसरी ओर, Piston जैसे परिवहन यूनियनों ने इस इमरजेंसी का विरोध किया है। उनका मानना है कि यह केवल एक दिखावा है और इससे तेल की कीमतों की मूल समस्या का समाधान नहीं होगा। परिवहन कर्मचारियों ने 26 मार्च से हड़ताल पर जाने की धमकी दी है और तेल पर टैक्स कम करने की मांग की है। इसके जवाब में सरकार कुछ शहरों में मुफ्त बस सेवा दे रही है और मोटरसाइकिल टैक्सियों व सार्वजनिक परिवहन ड्राइवरों को 5,000 रुपये की सब्सिडी देने का वादा किया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com