फिलीपींस के सेनेटर रोनाल्ड डेला रोसा इन दिनों बड़ी मुसीबत में हैं। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जिसके बाद वे पुलिस से बचने के लिए देश की संसद में शरण ले चुके हैं। पुलिस उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे फिलहाल संसद की सुरक्षा में छिपे हुए हैं।
ICC ने रोनाल्ड डेला रोसा पर क्या आरोप लगाए हैं?
ICC ने सेनेटर रोनाल्ड डेला रोसा पर मानवता के खिलाफ अपराध और हत्या का आरोप लगाया है। कोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2016 से अप्रैल 2018 के बीच पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के ड्रग वॉर के दौरान कम से कम 32 लोगों की हत्या में उनकी भूमिका थी। ICC ने कहा कि उनके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि डेला रोसा ने ये अपराध किए हैं और वे जांच में सहयोग नहीं करेंगे।
संसद में शरण और पुलिस की क्या तैयारी है?
11 मई 2026 को जब नेशनल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (NBI) के एजेंट वारंट तामील कराने पहुंचे, तो डेला रोसा ने फिलीपींस की संसद में शरण ले ली। नए सीनेट प्रेसिडेंट Alan Peter Cayetano ने उन्हें ‘प्रोटेक्टिव कस्टडी’ में रखा है और कहा है कि गिरफ्तारी तभी होगी जब आदेश फिलीपींस की किसी कोर्ट से आएगा। दूसरी ओर, फिलीपींस नेशनल पुलिस (PNP) ने संसद के बाहर करीब 350 जवान तैनात किए हैं। PNP प्रवक्ता Brig. Gen. Randulf Tuaño ने बताया कि पुलिस कानूनी प्रक्रिया और प्रत्यर्पण नियमों का पालन करेगी।
कानूनी लड़ाई और विरोधियों का क्या कहना है?
इस मामले में देश के अंदर काफी विवाद है। पांच सेनेटरों ने एक प्रस्ताव पेश किया है जिसमें डेला रोसा को खुद सरेंडर करने को कहा गया है। वहीं, जॉन बैरी तयाम नाम के एक शिक्षक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है ताकि सेनेटर की गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके। Amnesty International ने भी सरकार से मांग की है कि उन्हें तुरंत ICC को सौंपा जाए। खुद रोनाल्ड डेला रोसा ने कहा है कि वे विदेशी कोर्ट के बजाय फिलीपींस की स्थानीय अदालतों में अपनी लड़ाई लड़ेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रोनाल्ड डेला रोसा पर ICC ने क्या आरोप लगाए हैं?
ICC ने उन पर मानवता के खिलाफ अपराध और हत्या का आरोप लगाया है। उन पर 2016 से 2018 के बीच ड्रग वॉर के दौरान कम से कम 32 लोगों की मौत का जिम्मेदार होने का आरोप है।
क्या फिलीपींस पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है?
PNP ने कहा है कि वे गिरफ्तारी के लिए फिलीपींस के कानूनों और प्रत्यर्पण (extradition) की कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे।
