फिलीपींस की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। वहां के सांसदों ने उपराष्ट्रपति Sara Duterte को दूसरी बार इम्पिच कर दिया है। यह फैसला 11 मई 2026 को आया, जिससे उनके 2028 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के इरादों को तगड़ा झटका लगा है। इस खबर के बाद Duterte परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, क्योंकि उनके पिता Rodrigo Duterte पहले से ही ICC में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
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Sara Duterte पर क्या आरोप लगे और कैसे हुआ फैसला?
उपराष्ट्रपति पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें सबसे मुख्य 612.5 मिलियन PHP के गोपनीय फंड का गलत इस्तेमाल, बिना हिसाब के संपत्ति रखना, रिश्वत लेना और राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr, उनकी पत्नी और पूर्व स्पीकर Romualdez को धमकी देना शामिल है।
- वोटिंग का नतीजा: हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 257 सांसदों ने उनके खिलाफ वोट दिया।
- जरूरी बहुमत: नियम के मुताबिक केवल 106 वोटों की जरूरत थी, लेकिन बहुमत बहुत बड़ा रहा।
- AMLC की रिपोर्ट: एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग काउंसिल ने उनके और रिश्तेदारों के 6.77 बिलियन P के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा किया था।
इम्पिचमेंट के बाद अब आगे क्या होगा?
फिलिपींस के कानून के हिसाब से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स केवल मामला शुरू कर सकता है। अब इम्पिचमेंट के आर्टिकल सीनेट भेजे जाएंगे, जहां उनकी सुनवाई एक कोर्ट की तरह होगी।
- सीनेट का फैसला: अगर सीनेट के दो-तिहाई सदस्य उन्हें दोषी पाते हैं, तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा।
- भविष्य पर रोक: दोषी पाए जाने पर उन्हें भविष्य में कोई भी सरकारी पद संभालने से स्थायी रूप से रोका जा सकता है।
- बचाव पक्ष: Sara Duterte के वकीलों ने कहा है कि वे सीनेट में अपना बचाव करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पहले भी हुई थी कोशिश, क्या था पूरा विवाद?
यह पहली बार नहीं है जब Sara Duterte को हटाने की कोशिश हुई। 5 फरवरी 2025 को भी उन्हें पहली बार इम्पिच किया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले को तकनीकी आधार पर गलत बताकर खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि एक साल के भीतर दोबारा इम्पिचमेंट की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती, इसलिए इस बार की कार्यवाही 6 फरवरी 2026 के बाद शुरू हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Sara Duterte को पहली बार कब हटाने की कोशिश हुई थी?
उन्हें पहली बार 5 फरवरी 2025 को इम्पिच किया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार दिया था।
इम्पिचमेंट के लिए कितने वोटों की जरूरत थी?
संविधान के अनुसार कम से कम एक-तिहाई यानी 106 सदस्यों के वोट चाहिए थे, जबकि इस बार 257 सांसदों ने उनके खिलाफ वोट दिया।
