फिलीपींस में राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है. उपराष्ट्रपति Sara Duterte को उनके पद से हटाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. आज हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इस पर फैसला लिया जाएगा, जिससे देश की सत्ता का समीकरण बदल सकता है. अगर आज का वोटिंग उनके खिलाफ गया, तो मामला ट्रायल के लिए सीनेट भेजा जाएगा.

Sara Duterte पर लगे गंभीर आरोप क्या हैं?

उपराष्ट्रपति Sara Duterte पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मुख्य रूप से उन पर गोपनीय फंड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है. इसके अलावा उनकी संपत्ति की सही जानकारी न देने और राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. व अन्य बड़े अधिकारियों को धमकी देने की बात भी सामने आई है. इन सब वजहों से उन पर संविधान के उल्लंघन और जनता के विश्वास को तोड़ने का मामला दर्ज किया गया है.

पद से हटाने की कानूनी प्रक्रिया और जरूरी वोट

फिलीपींस के कानून के मुताबिक, उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में एक तिहाई (1/3) सदस्यों का समर्थन चाहिए. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रस्ताव को पास कराने के लिए 106 वोटों की जरूरत है, लेकिन करीब 215 सदस्य इसके समर्थन में दिख रहे हैं. अगर हाउस यहाँ से मंजूरी दे देता है, तो मामला सीनेट जाएगा. सीनेट में दो-तिहाई बहुमत से दोषी पाए जाने पर उन्हें पद छोड़ना होगा और भविष्य में सरकारी नौकरी से रोका जा सकता है.

नेताओं और सरकारी अधिकारियों का क्या कहना है?

हाउस कमेटी ऑन जस्टिस के सदस्य Terry Ridon ने बताया कि सबूत काफी मजबूत हैं और बहुमत उनके खिलाफ है. दूसरी तरफ, उपराष्ट्रपति Sara Duterte ने सभी आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि यह सब सिर्फ राजनीतिक साजिश है. उनके प्रवक्ता Michael Poa ने कन्फर्म किया है कि उनकी डिफेंस टीम आज की सारी कार्यवाही पर करीब से नजर रख रही है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए कितने वोट चाहिए?

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कम से कम एक तिहाई (1/3) सदस्यों के वोट चाहिए. इसके बाद सीनेट में दो-तिहाई बहुमत से उन्हें दोषी ठहराया जाना जरूरी है.

Sara Duterte पर मुख्य आरोप क्या हैं?

उन पर गोपनीय फंड का दुरुपयोग, संपत्ति छिपाना और राष्ट्रपति सहित अन्य संवैधानिक अधिकारियों को धमकी देने के आरोप लगे हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.