वर्ल्ड बैंक ने फिलीपींस को अब ऊपरी-मध्यम आय वाला देश (UMIC) घोषित कर दिया है। यह बदलाव 1 जुलाई 2026 से लागू हो गया है, जो देश की बढ़ती कमाई का नतीजा है। सरकार इसे एक बड़ी उपलब्धि मान रही है, लेकिन आम लोगों के लिए महंगाई अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
इस नए स्टेटस का आधार देश की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI) है, जो 2025 में 4,850 डॉलर तक पहुँच गई। वर्ल्ड बैंक के नियमों के मुताबिक, ऊपरी-मध्यम आय वर्ग में आने के लिए यह कमाई 4,636 डॉलर से ज़्यादा होनी चाहिए।
Bangko Sentral ng Pilipinas (BSP) ने 8 जुलाई को इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह सालों की मेहनत और आर्थिक तरक्की का नतीजा है। वहीं, अर्थव्यवस्था और योजना विभाग (DEPDev) के सचिव Arsenio Balisacan ने 6 जुलाई को साफ किया कि इस स्टेटस के वापस घटने की संभावना बहुत कम है। उन्होंने यह भी बताया कि इसका मतलब यह नहीं है कि देश का हर नागरिक अब ऊपरी-मध्यम वर्ग में आ गया है।
आंकड़ों में तरक्की के बावजूद, आम फिलीपीन परिवारों की हालत अभी भी मुश्किल है। लोग बढ़ती महंगाई और कम बचत से परेशान हैं। साथ ही, सस्ते लोन मिलना भी उनके लिए कठिन हो रहा है। अर्थशास्त्रियों ने 9 जुलाई को बताया कि महंगाई लक्ष्य से ज़्यादा है, जिसकी वजह से आर्थिक तरक्की का फायदा आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी में नहीं दिख रहा है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नया स्टेटस | ऊपरी-मध्यम आय वाला देश (UMIC) |
| लागू होने की तारीख | 1 जुलाई 2026 |
| 2025 की प्रति व्यक्ति आय (GNI) | 4,850 डॉलर |
| वर्ल्ड बैंक की सीमा (Threshold) | 4,636 डॉलर |
| ऑनलाइन फीस खत्म होने की तारीख | 7 जुलाई |
| प्रमुख सहयोगी बैंक | Land Bank, BPI, RCBC |
| समर्थन | राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. |
इन दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार और बैंकों ने कुछ कदम उठाए हैं। 7 जुलाई से Land Bank of the Philippines, BPI और RCBC जैसे बड़े बैंकों ने रिटेल ग्राहकों के लिए ऑनलाइन फंड ट्रांसफर फीस खत्म कर दी है। राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. के समर्थन से शुरू हुई इस मुहिम का मकसद बैंकिंग सेवाओं को आधुनिक बनाना और ट्रांजेक्शन के खर्च को कम करना है। साथ ही, उन इलाकों के लिए ‘ऑफलाइन’ तरीके खोजे जा रहे हैं जहाँ इंटरनेट की सुविधा कम है।
