इसराइल की जेलों में बंद गाज़ा के 14 डॉक्टरों को रिहा करने के लिए PHRI ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है. इन डॉक्टरों को बिना किसी आरोप के एक साल से ज़्यादा समय से कैद में रखा गया है. मानवाधिकार संगठन का कहना है कि जेल के अंदर इनकी हालत बहुत खराब है और इन्हें बुनियादी सुविधाएँ भी नहीं मिल रही हैं.

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इन डॉक्टरों को जेल में क्यों रखा गया है और PHRI ने क्या कहा?

इन डॉक्टरों को इसराइल के ‘Unlawful Combatants Law’ के तहत पकड़ा गया है. इस कानून की वजह से सरकार बिना किसी औपचारिक चार्ज के किसी को भी अनिश्चित काल तक जेल में रख सकती है. Physicians for Human Rights Israel (PHRI) ने 30 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दी और उनकी तुरंत रिहाई की मांग की.

  • PHRI के मुताबिक, सेना की जाँच के बाद भी कोई सबूत नहीं मिले, लेकिन फिर भी इन्हें रिहा नहीं किया गया.
  • संगठन ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों के साथ मारपीट हुई और उन्हें पर्याप्त खाना और इलाज नहीं दिया गया.
  • इसराइल की सेना के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल ज़मीर ने पहले भेजी गई रिहाई की मांगों का कोई जवाब नहीं दिया था.

डॉ. हुसाम अबू सफिया की हालत और अन्य संस्थाओं की चिंता

पकड़े गए डॉक्टरों में डॉ. हुसाम अबू सफिया एक प्रमुख नाम हैं, जो गाज़ा के कमाल अदवान हॉस्पिटल के डायरेक्टर थे. वे दिसंबर 2024 से जेल में हैं. उनके भाई मुफ़ाक़ अबू सफिया ने बताया कि जेल में उनके वज़न में 40 किलो की कमी आई है और उनकी चार पसलियाँ टूट गई हैं.

  • संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि डॉ. अबू सफिया को हिरासत में गंभीर प्रताड़ना दी गई होगी.
  • Amnesty International का मानना है कि यह गाज़ा के स्वास्थ्य ढांचे को खत्म करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है.
  • हालांकि, इसराइल की प्रिज़न सर्विस ने डॉक्टरों के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है.

गाज़ा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर क्या असर पड़ रहा है?

PHRI के डिटेनी सेक्शन के डायरेक्टर नाजी अब्बास ने कहा कि बिना ट्रायल के डॉक्टरों को जेल में रखना गैरकानूनी है. उनका कहना है कि इन मेडिकल प्रोफेशनल्स की कमी की वजह से गाज़ा के तबाह हो चुके हेल्थ सिस्टम को फिर से खड़ा करना मुश्किल हो रहा है.

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो साल के संघर्ष के दौरान इसराइल ने करीब 400 स्वास्थ्य कर्मियों को हिरासत में लिया था, जिनमें से लगभग 60 अभी भी जेल में बंद हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

डॉक्टरों को किस कानून के तहत हिरासत में रखा गया है?

इन डॉक्टरों को इसराइल के ‘Unlawful Combatants Law’ के तहत रखा गया है, जो सरकार को बिना किसी औपचारिक आरोप के लोगों को अनिश्चित काल तक हिरासत में रखने की अनुमति देता है.

डॉ. हुसाम अबू सफिया की वर्तमान स्थिति क्या है?

डॉ. हुसाम अबू सफिया दिसंबर 2024 से जेल में हैं. रिपोर्ट के अनुसार उनका वज़न 40 किलो कम हुआ है और जेल के दौरान उनकी चार पसलियाँ टूट गई हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.