प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मलेशिया यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बताया कि भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सिस्टम अब मलेशियाई बाजार में प्रवेश करेगा। यह कदम दोनों देशों के बीच डिजिटल लेन-देन को आसान बनाने के लिए उठाया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि यह सुविधा बहुत जल्द शुरू हो जाएगी।
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कैसे काम करेगा यह पेमेंट सिस्टम?
भारत का UPI सिस्टम मलेशिया के PayNet नेटवर्क के साथ जुड़ने जा रहा है। इसका फायदा यह होगा कि भारतीय पर्यटक और वहां रहने वाले लोग अपने मौजूदा मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया काफी सरल बनाई गई है ताकि आम लोगों को दिक्कत न हो।
- यूजर्स BHIM, PhonePe या Google Pay जैसे ऐप्स से पेमेंट कर पाएंगे।
- मलेशिया में दुकानों पर लगे ‘DuitNow’ QR कोड को स्कैन करके पैसा भेजा जा सकेगा।
- इसके लिए किसी नए ऐप को डाउनलोड करने या अलग से रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी।
क्या पेमेंट करने पर कोई फीस लगेगी?
भारत सरकार के बजट 2026 के मुताबिक, यूजर्स के लिए UPI ट्रांजेक्शन पर कोई सर्विस चार्ज नहीं है। सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी की व्यवस्था की है। हालांकि, जब आप एक देश से दूसरे देश में पैसा भेजते हैं, तो करेंसी बदलने का चार्ज लगता है।
इसका मतलब है कि रुपये को मलेशियन रिंगिट (RM) में बदलने पर बैंक थोड़ा बहुत फॉरेन एक्सचेंज (FX) मार्कअप ले सकते हैं। लेकिन भेजने की प्रक्रिया पर कोई अलग से फीस नहीं देनी होगी।
भारतीयों के लिए और क्या घोषणाएं हुईं?
पीएम मोदी ने पेमेंट सिस्टम के अलावा भारतीय समुदाय के लिए कुछ और सुविधाओं का भी ऐलान किया है। इन फैसलों से वहां रहने वाले प्रवासियों को सीधा लाभ मिलेगा:
- OCI कार्ड: मलेशिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को अब छठी पीढ़ी तक OCI कार्ड मिल सकेगा।
- नया वाणिज्य दूतावास: लोगों की मदद के लिए मलेशिया में भारत का एक नया वाणिज्य दूतावास खोला जाएगा।
- छात्रवृत्ति: मलेशियाई छात्रों के लिए भारत में पढ़ाई करने हेतु ‘तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति’ शुरू की गई है।
