प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे सोना खरीदने का विचार कुछ समय के लिए टाल दें। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट की वजह से सप्लाई चेन में दिक्कतें आ रही हैं। मोदी ने लोगों से विदेशी सामानों पर अपनी निर्भरता कम करने को कहा है ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर न पड़े और विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।
पीएम मोदी ने सोना खरीदने और विदेशी सामान से बचने के लिए क्यों कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने 10 मई 2026 को हैदराबाद और 11 मई 2026 को वडोदरा में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने पश्चिम एशिया के संकट को इस दशक का एक बड़ा संकट बताया और इसकी तुलना कोरोना महामारी से की। मोदी ने लोगों से कहा कि वे सोना खरीदना टाल दें और ऐसे व्यक्तिगत खर्चों से बचें जिनमें विदेशी मुद्रा बाहर जाती है। उन्होंने ‘Vocal for Local’ अभियान को बढ़ावा देते हुए विदेशी सामानों के बजाय भारतीय उत्पादों को अपनाने की बात कही।
ईंधन की बचत और सरकारी तैयारी का क्या है अपडेट?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 मई 2026 को इस संकट पर मंत्रियों की बैठक की। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार सप्लाई चेन को ठीक रखने के लिए लगातार काम कर रही है, इसलिए घबराने या जरूरत से ज्यादा सामान खरीदने की जरूरत नहीं है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने की सलाह दी है।
| विवरण | मौजूदा स्थिति और डेटा |
|---|---|
| कच्चा तेल (Crude Oil) | 60 दिन का स्टॉक |
| प्राकृतिक गैस (Natural Gas) | 60 दिन का स्टॉक |
| एलपीजी (LPG) | 45 दिन का स्टॉक |
| विदेशी मुद्रा भंडार (Forex) | 703 बिलियन डॉलर |
| सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी | फिलहाल कोई बदलाव नहीं |
| यातायात का तरीका | पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कारपूलिंग का उपयोग |
| काम करने का तरीका | वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम |
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सरकार सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ा रही है?
सरकार के सूत्रों ने 11 मई 2026 को स्पष्ट किया है कि पीएम मोदी की अपील के बावजूद, फिलहाल सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
भारत के पास ईंधन का कितना बैकअप उपलब्ध है?
भारत के पास वर्तमान में 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों का एलपीजी स्टॉक मौजूद है।
