West Asia संघर्ष पर PM Modi की बड़ी बैठक, खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर दिया कड़ा निर्देश

Sushma Kumari1 April 20262 min read19 viewsExpat Issues

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे संघर्ष और उसके भारत पर पड़ने वाले असर की समीक्षा करना था। प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाने चाहिए। यह पिछले कुछ दिनों में इस मुद्दे पर हुई दूसरी बड़ी सुरक्षा बैठक थी, जिससे स्थिति की गंभीरता का पता चलता है।

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खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए क्या तैयारी है?

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बैठक में खाड़ी देशों (Gulf countries) में रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा को सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया गया। सरकार ने प्रवासियों और वहां काम करने वाले लोगों की मदद के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं:

  • Operation Suraksha: खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों का राज्यवार डेटाबेस तैयार करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
  • Embassy Support: भारतीय दूतावास 24/7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन के जरिए लोगों की मदद कर रहे हैं और लगातार नई एडवाइजरी जारी कर रहे हैं।
  • Emergency Plan: अगर हालात बिगड़ते हैं, तो बड़े स्तर पर लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय नौसेना (Navy) और वायु सेना (Air Force) को तैयार रहने को कहा गया है।
  • Diplomatic Efforts: विदेश मंत्रालय लगातार खाड़ी देशों की सरकारों के संपर्क में है ताकि वहां भारतीय नागरिकों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

महंगाई और जरूरी सामानों की सप्लाई पर क्या होगा असर?

प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिया है कि युद्ध की वजह से आम आदमी की जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ना चाहिए। इसके लिए सरकार ने अलग-अलग सेक्टरों में निगरानी बढ़ा दी है:

क्षेत्र सरकारी कदम और तैयारी
जरूरी वस्तुएं जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
ईंधन और गैस LPG और LNG के लिए नए देशों से डील की जा रही है और फ्यूल ड्यूटी घटाने पर विचार हो रहा है।
खेती और खाद यूरिया और DAP की कमी न हो, इसके लिए विदेशी सप्लायर्स से तालमेल बिठाया जा रहा है।
निगरानी कीमतों पर नजर रखने के लिए विशेष इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप और कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।

इस हाई-लेवल बैठक में गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, विदेश मंत्री S. Jaishankar और वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman सहित कई बड़े अधिकारी मौजूद थे। सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा, कृषि सप्लाई चेन और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए सात विशेष समूह बनाए हैं जो हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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