प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 जुलाई 2026 को वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की चौथी विशेष बैठक बुलाई। इस बैठक में पीएम ने भारत के आर्थिक हितों और विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार के सभी विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए। सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल वहां फंसे भारतीयों और भारतीय नाविकों को हर संभव मदद पहुंचाने पर है।
नाविकों की सुरक्षा और मदद के लिए नया प्लान
प्रधानमंत्री ने सरकारी अधिकारियों से कहा कि वे खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों और उनके परिवारों के लिए एक विशेष सिस्टम तैयार करें। यह सिस्टम उन्हें समय पर जानकारी, इमरजेंसी मदद और काउंसलिंग देने का काम करेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह वैश्विक जहाजों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मर्चेंट शिपिंग (DGMA) ने 16 जुलाई 2026 को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, इन इलाकों से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी के लिए 24 घंटे का एक प्लेटफॉर्म भी बनाया गया है।
आर्थिक सुरक्षा और सप्लाई पर सरकार की नज़र
बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने जोर दिया कि देश में फर्टिलाइजर की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने भविष्य के लिए रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी बात की। सरकार ने जानकारी दी है कि पेट्रोल, डीजल और गैस (LNG/LPG) का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और अलग-अलग जगहों से इनकी खरीद की जा रही है ताकि देश पर संकट का असर न पड़े। भारत ने 29 जुलाई 2026 को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में भी वेस्ट एशिया में हो रहे हमलों और विशेष रूप से कमर्शियल जहाजों पर हो रही हिंसा की कड़ी निंदा की थी, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हुई थी और एक लापता हो गया था।
