पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। 27 मार्च 2026 को हुई इस वर्चुअल मीटिंग में भारत की तैयारियों की समीक्षा की गई और इसके संभावित असर पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने राज्यों से अपील की है कि वे सप्लाई चेन को सुचारू बनाए रखें और देश में जरूरी चीजों की कमी न होने दें।

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में क्या अहम निर्देश दिए गए?

प्रधानमंत्री ने इस संकट के समय में ‘टीम इंडिया’ के रूप में मिलकर काम करने पर जोर दिया है। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि वे जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें ताकि आम आदमी पर महंगाई का बोझ न बढ़े। खेती के क्षेत्र के लिए भी खास निर्देश दिए गए हैं।

  • खरीफ सीजन के लिए खाद के भंडारण और वितरण की लगातार निगरानी की जाए।
  • अफवाहों और गलत जानकारी को फैलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
  • जिन लोगों के परिवार पश्चिम एशिया में रहते हैं, उनकी मदद के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन शुरू की जाएं।
  • नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाए जो लोगों को समय पर सही जानकारी और सहायता दे सकें।

ईंधन और गैस की सप्लाई को लेकर क्या है सरकार का प्लान?

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जनता को भरोसा दिलाया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार ने साफ किया है कि लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह गलत और गैर-जिम्मेदाराना हैं। तेल कंपनियों के पास आने वाले दो महीनों के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

सुविधा वर्तमान स्थिति
कच्चा तेल स्टॉक अगले 2 महीने के लिए पर्याप्त
एलपीजी उत्पादन घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी की गई
प्राथमिकता घरेलू ग्राहकों को पहले गैस दी जाएगी
निगरानी ग्रुप ईंधन और महंगाई के लिए 7 विशेष ग्रुप गठित

पश्चिम एशिया संकट का भारतीयों पर क्या असर होगा?

भारत सरकार ने सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सात ताकतवर ग्रुप बनाए हैं जो ईंधन, खाद और सप्लाई चेन की निगरानी कर रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी इस रणनीति का हिस्सा हैं। सरकार ऊर्जा के नए रास्तों की तलाश कर रही है ताकि खाड़ी देशों में तनाव के बावजूद भारत में तेल की कीमतें और उपलब्धता प्रभावित न हो। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की पैनिक बाइंग यानी डर कर सामान जमा करने से बचें क्योंकि सप्लाई बिल्कुल सामान्य है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.